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सिरमौर को टीबी व एचआईवी मुक्त बनाने के लिए 100 दिन का विशेष अभियान

Shailesh Saini • 18 Feb 2026 • 1 Min Read

22 फरवरी को 1.78 लाख बच्चों को कृमि मुक्ति दवा पिलाने का लक्ष्य

हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन :

जिला सिरमौर को एचआईवी तथा क्षय रोग (टीबी) मुक्त बनाने के लिए सभी विभागों को मिलकर कार्य करना होगा। यह बात उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने उपायुक्त कार्यालय सभागार में एचआईवी एवं जिला क्षय रोग उन्मूलन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

उन्होंने बताया कि टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिला में क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 100 दिन का विशेष स्क्रीनिंग अभियान 2.0 चलाया जाएगा। अभियान के माध्यम से संभावित मरीजों की पहचान कर समय पर उपचार शुरू किया जाएगा, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

उपायुक्त ने निर्देश दिए कि आमजन को टीबी के लक्षणों के बारे में जागरूक किया जाए ताकि प्रारंभिक अवस्था में ही उपचार संभव हो सके। साथ ही लोगों को स्वेच्छा से एचआईवी परीक्षण करवाने के लिए भी प्रेरित किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एचआईवी और टीबी मरीजों तथा उनके आश्रितों को सरकार द्वारा उपलब्ध निशुल्क जांच, उपचार, आर्थिक सहायता तथा अन्य सुविधाओं की जानकारी भी सुनिश्चित की जाए।

बैठक के दौरान राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को लेकर जिला कार्यबल की बैठक भी आयोजित की गई। उपायुक्त ने बताया कि 22 फरवरी को जिला सिरमौर के 1468 सरकारी स्कूलों, 175 निजी विद्यालयों तथा 1484 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 1,78,587 बच्चों को कृमि मुक्ति दवा पिलाई जाएगी।

उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि इस अभियान में कोई भी बच्चा छूटना नहीं चाहिए।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. निसार अहमद ने बताया कि जिला में 13 स्थानों पर बलगम जांच की सुविधा उपलब्ध है तथा विभाग द्वारा घर-घर जाकर स्क्रीनिंग भी की जाएगी।बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों और गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।