दिल्ली की एसएफसी कंपनी से मिली 600 टन माल की डिमांड
HNN/ नाहन
सिरमौर में आम का सीजन शुरू हो गया है और लोकल आम ने स्थानीय मंडियों के साथ-साथ दिल्ली व पंजाब की मंडियों में भी दस्तक दे दी है। खास बात तो ये है कि इस बार सिरमौर के रसीले और मीठे आम का स्वाद भारत के पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश और नेपाल भी चखेंगे। इन दोनों पड़ोसी देशों से सिरमौर में आम का कारोबार कर रही रॉयल फ्रूट कंपनी को दिल्ली की एसएफसी कंपनी के माध्यम से 600 टन माल की डिमांड मिली है।

सहारनपुर की रॉयल कंपनी ने नाहन के विक्रम बाग में आम के बगीचे ठेके पर लिए हैं, जो नेपाल व बांग्लादेश के लिए माल तैयार करने में जुटे हैं। यहां से व्यापारियों के माध्यम से ये आम नेपाल के काठमांडू व बुटवल के साथ साथ बांग्लादेश के ढाका भेजा जाएगा। कोलकाता भी सिरमौर का आम भेजा जाने लगा है। सिरमौर के आम की मंडियों में दस्तक देते ही इसकी मांग भी बढ़ गई है।

मांग बढऩे की वजह ये भी है कि बाहरी राज्यों में आम का सीजन लगभग खत्म होने को है और अब सिरमौर का आम शुरू हो गया है। आपको ये भी बता दें कि सिरमौर का आम तब शुरू होता है, जब देश के अन्य हिस्सों में ये फसल लगभग खत्म होने को होती है। सिरमौर में आम का सीजन दो महीने चलेगा।

ये सीजन खत्म होते ही कहीं पर भी आम जैसा मीठा फल कहीं भी खाने को नहीं मिलेगा। अभी सहारनपुर में भी आम की फसल तैयार हो रही है। सिरमौर और उत्तरप्रदेश के आम की सीजन एक जैसी जलवायु के चलते लगभग साथ साथ तैयार होता है। रॉयल फ्रूट कंपनी के प्रबंधक मोहम्मद दिलशाद और गुलशाद ने बताया कि बांग्लादेश को पहली बार 100 टन और नेपाल को 500 टन आम भेजा जाएगा।

दिल्ली की कंपनी से उन्हें मांग मिली है। सिरमौर में लंगड़ा और दशहरी आम की किस्में तैयार हैं। चौसा आम टूटने में कुछ दिन का समय लगेगा। आपको बता दें कि सिरमौर का लंगड़ा आम काफी मीठा है। ये जल्दी खराब नहीं होता। इसकी मंडियों में भारी मांग है। दहशरी किस्म का आम भी मीठा है।

