सिरमौर में खूनी बन रही सड़कों की शीघ्र सुधारी जाए हालत- नाथूराम चौहान
बोले- जिला में 1 वर्ष में हुए सड़क हादसों में 300 से अधिक लोगों की गई जान
HNN/नाहन
जिला सिरमौर के जाने-माने समाजसेवी व आम आदमी पार्टी के नेता नाथूराम चौहान ने कहा है कि यदि सिरमौर जिला की सड़कों की हालत शीघ्र नहीं सुधारी गई तो अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। गुरुवार को नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता में नाथूराम चौहान ने कहा कि सिरमौर जिला की सड़क खूनी बन चुकी है तथा आए दिन दुर्घटनाओं में दर्जनो लोग अपनी जान गवां रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिला सिरमौर में 1 वर्ष में 300 से अधिक लोगों की जान विभिन्न क्षेत्रों में सड़क हादसों में हो चुकी है। जिनमें केवल शिलाई क्षेत्र में ही 85 लोगों की मौत गत 1 वर्ष के भीतर विभिन्न सड़क हादसों में हो चुकी है। उन्होंने कहा कि खस्ताहाल सड़कों पर ना तो स्थानीय नेता व अधिकारी ध्यान दे रहे हैं ना ही सरकार की ओर से ही दिशा में कोई कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अधिकारी भी नेताओं के आगे मूक दर्शक बने हुए हैं तथा जो अधिकारियों के कार्य हैं वह निष्ठा पूर्वक नहीं किया जा रहे हैं। नाथूराम चौहान ने कहा कि यदि समय रहते सिरमौर जिला की सड़कों की हालत नहीं सुधारी गई तो इसके लिए पूरी तरह से संबंधित विभाग के अधिकारी दोषी होंगे।
उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला के लोग ऐसे अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाएंगे। उन्होंने कहा कि पाँवटा साहिब गुम्मा नेशनल हाईवे पर स्थानीय नेताओं की वजह से नेशनल हाईवे के डबल लेन के कार्य की ओर अधिकारी व नेता आंखें मूंद कर बैठे हैं। यही कारण है कि आए दिन सिलाई क्षेत्र में सड़क हादसों की वजह से दर्जनों लोगों की जान जा रही है।
नाथूराम चौहान ने कहा कि अधिकारियों को अपने पदों की गरिमा के हिसाब से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि नेता उन्हें प्रभावित भी करते हैं तो ऐसे नेताओं से लिखित रूप से लिया जाए अन्यथा उन नेताओं के फोन कॉल रिकॉर्ड किया जाए।
उन्होंने कहा की शिलाई क्षेत्र में मात्र एक सप्ताह के भीतर दो बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं जिसमें 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं तथा पांच लोगों की जान गई है। उन्होंने इस मामले में शीघ्र जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार से दखल देने का आग्रह किया है।
नाथूराम चौहान ने कहा की जिला सिरमौर की जो सड़के हादसों का कारण बन रही है, वहां पर ब्लैक स्पॉट को चिन्हित किया जाए तथा सभी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में पैरापिट व क्रश बेरिकेट लगाकर दुर्घटना को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाए।