सिरमौर में डेंगू पर बड़ी राहत: अभी तक नहीं दर्ज हुआ कोई ममला
बीते वर्ष 1800 से अधिक डेंगू के मामलों से बड़ गई थी चिंता, स्वास्थ्य विभाग की टीम का जागरूकता अभियान कामयाब
हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन
बीते वर्ष डेंगू के 1800 से अधिक मामलों से जूझने वाले सिरमौर जिले के लिए इस साल एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के अथक प्रयासों और व्यापक जागरूकता अभियानों के चलते, जिले में अब तक डेंगू का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है।
यह उपलब्धि पेरिफेरल वर्कर्स, आशा वर्कर्स, हेल्थ एजुकेटर्स और बीएमओ धागेड़ा की टीम के संयुक्त प्रयासों का परिणाम मानाज रहा है।स्वास्थ्य विभाग की टीमें शुरुआत से ही गांव, शहरों और कस्बों में घर-घर जाकर लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक कर रही हैं।
सिरमौर के सीएमओ डॉ. अमिताभ जैन का कहना है कि जल जनित रोगों से बचाव के लिए जल शक्ति विभाग को भी सूचित किया गया था, जिन्होंने तमाम पेयजल योजनाओं को कीटाणु मुक्त करने के लिए आवश्यक उपाय किए हैं।
शहरी क्षेत्रों के लिए नगर परिषदों और नगर पंचायतों को भी समय पर फॉगिंग और अन्य निवारक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।डॉ. जैन ने बताया कि बीते वर्ष के आंकड़ों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया था और उसी के अनुसार कार्य योजना बनाई थी।
हालांकि, अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, फिर भी उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।डॉ. अमिताभ जैन ने जिले वासियों से अपील करते हुए कहा कि अगर हम मिलकर प्रयास करें तो चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि बावजूद इसके अभी भी हमें ढिलाई नहीं बरतनी है। मानसून का मौसम जारी है और डेंगू फैलाने वाले मच्छर अभी भी सक्रिय हो सकते हैं।आपकी सुरक्षा, आपके हाथों में है! इसके लिए डॉ. जैन ने आमजन से अपील करते हुए कहा किअपने घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
कूलर, गमले, टूटे-फूटे बर्तनों और टायरों में भरे पानी को नियमित रूप से खाली करें या बदलें। मच्छरदानी का प्रयोग करें, खासकर रात में सोते समय।उन्होंने कहा कि पूरी बाजू के कपड़े पहनें ताकि मच्छर शरीर के सीधे संपर्क में न आएं।
साथ ही पानी के बर्तनों को हमेशा ढक कर रखें।सीएमओ सिरमौर ने कहा कि अगर आपको बुखार, शरीर में दर्द या अन्य कोई संदिग्ध लक्षण महसूस हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें और डॉक्टरी सलाह लें।
डॉ. जैन ने जोर देते हुए कहा, “सावधानी ही बचाव है!” सिरमौर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अपना काम बखूबी किया है, अब यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम उनके प्रयासों को सफल बनाएं और अपने जिले को डेंगू मुक्त रखें।