सोलन में मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता शिविर आयोजित, महिलाओं और किशोरियों को दी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा विश्व मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता अभियान के अंतर्गत जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता, एनीमिया की रोकथाम तथा प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।
सोलन
जागरूकता शिविर का आयोजन
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा विश्व मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता अभियान के तहत एक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीसीसी समन्वयक राधा चौहान ने की। शिविर का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को अपनाने तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों के प्रति जागरूक करना था।
स्वच्छता और स्वास्थ्य पर दिया गया जोर
राधा चौहान ने कहा कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है और इस दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को सुरक्षित और स्वच्छ सैनिटरी पैड, टैम्पोन अथवा साफ एवं सूखे कपड़े के उपयोग के बारे में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि सैनिटरी पैड को नियमित अंतराल, लगभग 4 से 6 घंटे में बदलना चाहिए, ताकि संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सके। हाथों की स्वच्छता और उपयोग किए गए पैड के सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
भ्रांतियां दूर करने की आवश्यकता बताई
कार्यक्रम के दौरान मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक संकोच और गलत धारणाओं पर भी चर्चा की गई। राधा चौहान ने कहा कि महिलाओं और किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर खुलकर बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि वे समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने समाज में जागरूकता बढ़ाने और स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
एनीमिया और प्रजनन स्वास्थ्य पर भी जानकारी
शिविर में प्रतिभागियों को संतुलित आहार, एनीमिया की रोकथाम, पोषण संबंधी आवश्यकताओं और प्रजनन स्वास्थ्य के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किशोरियों और महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित भोजन और स्वच्छता संबंधी आदतों को अपनाना महत्वपूर्ण है।
महिलाओं और किशोरियों से की गई अपील
कार्यक्रम के अंत में महिलाओं और किशोरियों से मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता संबंधी उपायों को अपनाने, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श लेने का आग्रह किया गया। विभाग ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को आगे भी जारी रखने की बात कही।