सिविल अस्पताल सराहां में डॉक्टरों की भारी कमी का मामला विधानसभा में गूंजा
सराहां अस्पताल के 11 स्वीकृत पदों में से 9 खाली, विधायक रीना कश्यप ने सरकार से पद भरने और 100 बेडेड दर्जा बहाल करने की मांग उठाई।
नाहन।
विधायक रीना कश्यप ने सरकार को घेरा
हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार के गृह क्षेत्र पच्छाद विधानसभा के सिविल अस्पताल सराहां में लंबे समय से चली आ रही डॉक्टरों की कमी का मामला विधानसभा में गूंजा। पच्छाद की विधायक रीना कश्यप ने इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाते हुए कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों के 11 स्वीकृत पदों में से 9 पद वर्षों से खाली पड़े हैं।
मौत की घटना का भी किया ज़िक्र
विधायक ने सदन को बताया कि डॉक्टरों की कमी के चलते कुछ समय पहले यहाँ एक युवक की मौत भी हो चुकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इन रिक्त पदों को तुरंत भरने की मांग की ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।
100 बेडेड दर्जा बहाल करने की मांग
रीना कश्यप ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने इस अस्पताल को 100 बेडेड अस्पताल का दर्जा प्रदान किया था, जिसे मौजूदा सरकार ने वापस ले लिया। उन्होंने इसे दोबारा बहाल करने की मांग उठाई।
वामन द्वादशी मेले के अवसर पर घोषणा की अपील
विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे 6 सितंबर को पच्छाद उपमंडल मुख्यालय सराहां में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय श्री वामन द्वादशी मेले के समापन समारोह के दौरान इस अस्पताल के लिए घोषणा करें। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल करीब 40 पंचायतों की जनता के लिए जीवनरेखा है और इसकी बेहतरी पूरे क्षेत्र की आवश्यकता है।