सीटू जिला कमेटी की बैठक : आंगनबाड़ी और मिड-डे मील वर्कर्स के मुद्दों पर चर्चा
HNN/नाहन
नाहन: सीटू जिला कमेटी जिला सिरमौर की बैठक रविवार को इंदिरा तोमर की अध्यक्षता में नाहन में संपन्न हुई. सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार और जिला कमेटी सदस्य इंदु तोमर ने कहा कि प्रदेश में मिनी आंगनबाड़ी वर्करज का शोषण किया जा रहा है। पिछले 9 महीनों से इन कार्यकर्ताओं को वेतन नहीं मिल पाया है और न ही एक महीने से अन्य वर्करज को केंद्र से मिलने वाला हिस्सा मिला है, जो सरासर अन्याय है। आज मिनी आंगनबाड़ी वर्करज के रोजगार पर तलवार लटकी है, लेकिन प्रदेश सरकार इनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। इसके अलावा मिड-डे मील वर्करज को अप्रैल से बढ़ा हुआ मानदेय आज तक नहीं मिल पाया है।
सीटू ने मांग उठाई कि मिड-डे मील वर्करज को बढ़ा हुआ वेतन एरियर सहित दिया जाए। बैठक में सीटू जिला कमेटी ने ठेका मजदूरों की रोज़गार सुरक्षा सुनिश्चित करने, उन्हें नियमित कर्मियों के बराबर वेतन देने और आउटसोर्स कर्मियों के लिए स्थाई नीति की मांग उठाई। इसके साथ साथ सीटू जिला कमेटी ने आंगनबाड़ी, मिड-डे मील कर्मियों को नियमित करने, उन्हें न्यूनतम वेतन देने व उन्हें सामाजिक सुरक्षा देने, मनरेगा व निर्माण मजदूरों के श्रमिक कल्याण बोर्ड से आर्थिक लाभ व पंजीकरण सुविधा बहाल करने, एसटीपी मजदूरों के लिए शेडयूल एम्प्लॉयमेंट घोषित करने, आउटसोर्स व अस्पताल कर्मियों के लिए नीति बनाने, औद्योगिक मजदूरों को 40 प्रतिशत अधिक वेतन देने, तयबजारी को उजाड़ने के खिलाफ, काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 करने पर भी चर्चा की।
सीटू ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में विस्तार के साथ ही मनरेगा में 600 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी पर 200 दिन कार्य दिवस प्रदान करने, मनरेगा, निर्माण मजदूरों का श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकरण व आर्थिक लाभ बहाल करने की भी आवाज बुलंद दी।
सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि मोदी सरकार और प्रदेश की सुक्खू सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का पर्दाफाश किया जाएगा। इस मौके पर मिड-डे मील नाहन ब्लॉक के अध्यक्ष संदीप, बालाराम, सीता तोमर, शीला, प्रोजेक्ट शिलाई अध्यक्षा शामा, अनिता, प्रोमिला, बसंती और किरण आदि अलग-अलग यूनियनों के पदाधिकारी शामिल रहे।