स्टोन क्रशर व खनन करदाताओं से 2.82 करोड़ जीएसटी वसूला
संयुक्त आयुक्त जीडी ठाकुर बोले—आरसीएम टर्नओवर के तहत सिरमौर, सोलन, शिमला व किन्नौर के 180 करदाताओं से करोड़ों की वसूली प्रक्रिया जारी
,हिमाचल नाऊ न्यूज शिमला
हिमाचल प्रदेश राज्य कर एवं आबकारी विभाग के दक्षिण क्षेत्र जीएसटी विंग परवाणू की प्रवर्तन टीम ने स्टोन क्रशर और खनन करदाताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 2 करोड़ 82 लाख 45 हजार 646 रुपये जीएसटी की वसूली की है।
विभाग द्वारा शुरू की गई प्रवर्तन कार्रवाई के तहत 142 स्टोन क्रशर और खनन करदाताओं के मामलों में अब तक यह राशि वसूली गई है, जबकि कुल 7 करोड़ 45 लाख 22 हजार 161 रुपये की वसूली की प्रक्रिया जारी है।
विभागीय जांच में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (आरसीएम) टर्नओवर के तहत सिरमौर, सोलन, शिमला और किन्नौर जिलों के 180 करदाताओं द्वारा करीब 137 करोड़ 41 लाख 32 हजार 298 रुपये के जीएसटी की चोरी का मामला सामने आया है।
संयुक्त आयुक्त जीडी ठाकुर ने बताया कि यह खुलासा खनन और खनिजों पर कमोडिटी-जीएसटी की ऑनलाइन समीक्षा के दौरान हुआ।
उन्होंने बताया कि सोलन जिले के बीबीएन क्षेत्र में 38 स्टोन क्रशर का आरसीएम टर्नओवर 137 करोड़ 40 लाख 99 हजार 598 रुपये पाया गया है, जिस पर 6 करोड़ 11 लाख 94 हजार 114 रुपये टैक्स देय है। इस मामले को आगे की कार्रवाई के लिए सेंट्रल जोन ऊना को भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि कई स्टोन क्रशर और खनन कारोबारियों ने माइनिंग मटेरियल पर दी जाने वाली रॉयल्टी पर 18 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान नहीं किया था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 के लिए मिनरल्स पर आरसीएम को वैध ठहराए जाने के बाद अब विभाग द्वारा वसूली की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
संयुक्त आयुक्त ने बताया कि स्टोन क्रशर और खनन करदाताओं से मिनरल्स की रॉयल्टी पर 18 प्रतिशत जीएसटी की वसूली के लिए परवाणू जोन के सभी 21 सर्कल इंचार्ज को एडजुडिकेशन और रिकवरी की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड, दाड़लाघाट द्वारा माइनिंग विभाग को दी गई रॉयल्टी के आंकड़ों और जीएसटी डेटा में भी अंतर सामने आया है। वर्ष 2021-22 से फरवरी 2026 तक के रिकॉर्ड में करीब 85 करोड़ रुपये का अंतर पाया गया है। कंपनी को एक सप्ताह के भीतर इस अंतर का स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि दक्षिण जोन की एनफोर्समेंट विंग कंपनी के विभिन्न वित्तीय डेटा का मिलान कर जांच कर रही है, ताकि आरसीएम, एजीटी और सीजीसीआर के तहत कर देनदारी का सही आकलन किया जा सके।
विभाग का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक के लंबित आरसीएम टर्नओवर पर देय 18 प्रतिशत जीएसटी की वसूली निर्धारित समय के भीतर पूरी करना