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हाईकोर्ट ने पालमपुर अस्पताल के डाॅक्टरों पर लगाया 5 लाख का जुर्माना, यह है वजह….

Ankita • 16 Jan 2024 • 1 Min Read

HNN/ कांगड़ा

दुष्कर्म पीड़िता की चिकित्सा जांच कानून के विपरीत किए जाने पर प्रदेश हाईकोर्ट ने सिविल अस्पताल पालमपुर के दोषी डाॅक्टरों पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने इस राशि का भुगतान प्राथमिक तौर पर राज्य सरकार द्वारा पीड़िता को अदा करने के आदेश जारी किए हैं।

इसके पश्चात इसकी भरपाई दोषी डाॅक्टर से किए जाने के आदेश पारित किए गए हैं। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने अपने निर्णय में कहा कि दुष्कर्म एक महिला के व्यक्तित्व और अंतर्निहित गरिमा पर मानसिक हमला है। यह एक महिला की पवित्रता और समाज की आत्मा के खिलाफ अपराध है।

किसी का शारीरिक ढांचा ही उसका मंदिर होता है और उस पर अतिक्रमण का अधिकार किसी को नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार टू-फिंगर टैस्ट, जिसे चिकित्सा शब्द के अनुसार, प्रति-योनि परीक्षा को सख्ती से प्रतिबंधित किया गया है।

टू-फिंगर टैस्ट दुष्कर्म पीड़िताओं की निजता, शारीरिक व मानसिक अखंडता और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन है। इस कारण इन दिशा-निर्देशों की अवहेलना होने पर प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को दुष्कर्म पीड़िता के लिए मुआवजे के तौर पर 5 लाख रुपए की राशि का भुगतान करने के आदेश जारी किए हैं।