ईवीएम पर सवाल हार की हताशा, जनादेश का अपमान: विनय गुप्ता
Himachalnow / शिमला
ईवीएम को लेकर दिए जा रहे बयानों पर भाजपा ने कांग्रेस को घेरते हुए इसे हार की हताशा और लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान बताया है। भाजपा प्रवक्ता विनय गुप्ता ने मुख्यमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा है और जनता के जनादेश को सर्वोपरि बताया है।
शिमला
ईवीएम को लेकर दिए जा रहे बयानों पर भाजपा ने कांग्रेस को घेरना तेज कर दिया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनय गुप्ता ने मुख्यमंत्री के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस एक बार फिर अपनी पुरानी मानसिकता को उजागर कर रही है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस का रवैया हमेशा एक जैसा रहा है—जब चुनाव परिणाम पक्ष में आते हैं तो प्रक्रिया निष्पक्ष मानी जाती है, लेकिन हार मिलने पर वही प्रक्रिया सवालों के घेरे में ला दी जाती है। इसे उन्होंने लोकतंत्र नहीं बल्कि हताशा का प्रतीक बताया।
विनय गुप्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के चुनाव परिणामों ने विपक्ष की राजनीति को आईना दिखा दिया है। इन राज्यों में भाजपा को मिला जनसमर्थन यह दर्शाता है कि जनता अब विकास, स्थिरता और मजबूत नेतृत्व को प्राथमिकता दे रही है।उन्होंने कहा कि बंगाल का जनादेश लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था के खिलाफ जनता के असंतोष को दर्शाता है, जबकि असम में लगातार मिल रहा समर्थन सुशासन और विकास की नीतियों पर जनता के भरोसे को मजबूत करता है। पुडुचेरी में भी भाजपा की बढ़ती स्वीकार्यता पार्टी के विस्तार को दिखाती है।
मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि ईवीएम पर सवाल उठाना चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक व्यवस्था दोनों का अपमान है। कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए, न कि हार के लिए बहाने तलाशने चाहिए।हिमाचल की सियासत पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सरकार के कामकाज का आकलन कर रही है और आने वाले समय में जनमत में बदलाव साफ नजर आएगा।पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले से ही बहाने बनाने में जुट गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि पार्टी अब तक जिला परिषद उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं कर पाई है, जो उसकी स्थिति को दर्शाता है।
विनय गुप्ता ने बताया कि भाजपा ने जिला सिरमौर में अपने 17 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है, जो शिक्षित और जनसेवा के प्रति समर्पित हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा संगठनात्मक मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतर चुकी है।अंत में उन्होंने कहा कि देश की राजनीति अब पारदर्शिता, विकास और जवाबदेही के नए दौर में प्रवेश कर चुकी है और जनता इन्हीं मुद्दों पर अपना निर्णय दे रही है।