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‘हिन्द की चादर’ गुरु तेग बहादुर साहिब की शहीदी यात्रा नाहन पहुंची, श्रद्धा और भक्ति का उमड़ा सैलाब

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 9 Dec 2025 • 1 Min Read

गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित शहीदी यात्रा के नाहन पहुंचते ही श्रद्धालुओं का अपार सैलाब उमड़ पड़ा। गुरुद्वारा दशमेश अस्थान में संगतों ने पालकी के आगे नतमस्तक होकर भक्ति व श्रद्धा व्यक्त की।

नाहन

शहीदी यात्रा का नाहन पहुंचना बना ऐतिहासिक क्षण
हिन्द की चादर’ गुरु तेग बहादुर साहिब की शहीदी यात्रा पहुंची नाहन , श्रद्धा और भक्ति का उमड़ासैलाब
गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी बनी आकर्षण का केंद्र, आनंदपुर साहिब से पटना साहिब तक जारी है 350वीं शताब्दी को समर्पित यह ऐतिहासिक सफर।
हिमाचल दस्तक ब्यूरो नाहन
धर्म और मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदानी ‘हिन्द की चादर’ गुरु, गुरु तेग बहादुर साहिब महाराज की 350वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित ऐतिहासिक यात्रा मंगलवार को गुरुद्वारा आनंदपुर साहिब से चलकर जिला मुख्यालय नाहन स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा दशमेश अस्थान साहिब पहुंची। जैसे ही शहीदी शताब्दी यात्रा ने नाहन की धरती पर कदम रखा, गुरु के प्रति अपार श्रद्धा का समूह उमड़ पड़ा और भक्ति भाव में डूबी संगतों का सैलाब देखने को मिला।

गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी बनी आकर्षण
यात्रा में ‘पांच प्यारों’ की अगुवाई में सुशोभित गुरु ग्रंथ साहिब महाराज की पालकी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। पालकी के आगे सैकड़ों की संख्या में साध-संगतें ‘वाहेगुरु’ के जयकारे लगाती हुई शब्द कीर्तन का गायन करती हुई भव्य नगर कीर्तन के रूप में गुरुद्वारा दशमेश अस्थान साहिब में नतमस्तक हुई। संगतों के चेहरे पर गुरु की शहादत को नमन करने का भाव और उनके प्रति गहरी आस्था साफ झलक रही थी।

नाहन में गुरबाणी की स्वरलहरियों से गूँजा वातावरण
गौरतलब है कि हाल ही में गुरुद्वारा दशमेश अस्थान नाहन द्वारा देशभर के ख्याति प्राप्त कीर्तन जत्थेदारों को गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को याद करते हुए राग दरबार सजाया गया था। वहीं, अब शहीदी यात्रा के नाहन पहुंचने से समूचा वातावरण एक बार फिर भक्तिमय हो गया।

यात्रा का पटना साहिब तक जारी रहेगा सफर
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी नाहन के प्रधान सरदार अमृत सिंह शाह ने बताया कि 350वीं शहीदी शताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित यह शहीदी यात्रा गुरुद्वारा आनंदपुर साहिब से शुरू हुई है। यह यात्रा हरियाणा से होते हुए कालाअंब पहुंची और फिर ऐतिहासिक गुरुद्वारा दशमेश अस्थान साहिब नाहन में कुछ समय के ठहराव के लिए पहुंची है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा अब यहां से आगे बढ़कर सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्मस्थान श्री पटना साहिब पहुंचेगी।

संगतों के लिए किए गए विशेष प्रबंध
इस पावन अवसर पर बाहरी राज्यों से भी सैकड़ों की संख्या में संगतें गुरुद्वारा में नतमस्तक होने पहुंचीं। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा उनके रहने, खाने-पीने सहित सभी आवश्यक प्रबंध किए गए थे। इस दौरान गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया, जिसमें भारी संख्या में संगतों ने गुरु ग्रंथ साहिब महाराज के चरणों में शीश नवाकर प्रसाद ग्रहण किया और गुरु के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की।