हिमाचल के इस अस्पताल में चिकित्सकों ने प्रीमेच्योर बच्ची को दिया नया जीवन…..
अस्पताल में रहने के बाद 600 ग्राम से बढ़कर डेढ़ किलो हुआ बच्ची का वजन
HNN/ शिमला
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में स्थित कमला नेहरू अस्पताल में चिकित्स्कों को अब तक की अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मिली है। दरअसल, शिमला के चौपाल की रहने वाली गर्भवती उमा जुलाई में चेकअप के लिए कमला नेहरू अस्पताल में आई थीं। इस दौरान महिला को अचानक ही काफी ब्लीडिंग होने लगी।
जिसके बाद चिकित्सकों ने 15 जुलाई को महिला का तत्काल प्रसव करवाया। महिला ने छह माह की नन्ही बच्ची को जन्म दिया। जिसका वजन कुल 600 ग्राम था। इस बच्ची के फेफड़े भी पूरी तरह से बने नहीं थे। जिससे कि उसे सांस मशीन के जरिये देनी पड़ी। ऐसे में चिकित्सकों ने उसे तुरंत आईसीयू में एडमिट कर दिया और अच्छी तरह देखभाल शुरू कर दी।
100 दिन अस्पताल में रहने के बाद बच्ची का वजन 600 ग्राम से बढ़कर डेढ़ किलो हो गया। चिकित्सकों के मुताबिक वजन सामान्य बच्चों की तरह है। बालरोग विशेषज्ञ चिकित्सकों का दावा है कि चिकित्सकों ने पहली बार इस तरह से किसी प्रीमेच्योर बच्चे को नया जीवन दिया है।
