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हिमाचल के हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों के लिए बनेगा प्रचार वीडियो , चंडीगढ़ में खोले जाएंगे दो नए एम्पोरियम

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 11 Jun 2025 • 1 Min Read

शिमला

उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में 194वीं बोर्ड बैठक, हथकरघा विरासत के संरक्षण और प्रचार को लेकर लिए गए कई अहम निर्णय

प्रचार वीडियो से बढ़ेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प और हथकरघा निगम लिमिटेड के निदेशक मंडल की 194वीं बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक प्रचार वीडियो तैयार किया जाए। यह वीडियो सोशल मीडिया सहित अन्य नेटवर्किंग माध्यमों पर प्रसारित किया जाएगा ताकि इन उत्पादों की ब्रांडिंग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की जा सके।

कारीगरों को लाभ पहुंचाने के लिए योजनाओं का प्रचार
बैठक में उद्योग मंत्री ने निगम द्वारा कारीगरों और बुनकरों को लाभ पहुंचाने के लिए उठाए गए प्रयासों की सराहना की और निर्देश दिए कि इन योजनाओं को हर नागरिक तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि विलुप्त होती पारंपरिक कला को संरक्षित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही चंडीगढ़ में शो-विंडो कम सेल काउंटर खोलने की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश भी दिए।

अहम परियोजनाएं और कार्यशालाएं प्रगति पर
निगम वर्तमान में केंद्र प्रायोजित 23.38 करोड़ रुपये की परियोजना ‘व्यापक हस्तशिल्प क्लस्टर विकास योजना (CHCDS)’ को लागू कर रहा है, जिसकी अवधि तीन साल है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 420 कारीगरों को लाभ मिला जबकि 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 840 हो गई। दिल्ली, धर्मशाला और मनाली के एम्पोरियम का नवीनीकरण पूरा हो चुका है जबकि चंबा और शिमला के तीन एम्पोरियम पर कार्य जारी है।

हिमालयन ट्वीड को बाजार में विस्तार देने पर जोर
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेश के कुशल बुनकरों द्वारा निर्मित विशेष ऊनी कपड़े ‘हिमालयन ट्वीड’ को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में पहुंचाया जाए। इसके लिए निगम के प्रबंध निदेशक को अधिकृत किया गया। वर्ष 2025-26 में 2500 कारीगरों के लिए 120 डिजाइन और तकनीकी कार्यशालाएं तथा 20 उद्यमी विकास कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।