हिमाचल कैबिनेट का बड़ा फैसला, पुलिस भर्ती में होमगार्ड जवानों को फिजिकल टेस्ट से छूट
लिखित परीक्षा देना होगा जरूरी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं और वन मित्रों के मानदेय में भी बढ़ोतरी
माचल प्रदेश | हिमाचल नाऊ न्यूज़
हिमाचल प्रदेश में होमगार्ड जवानों के लिए राहत भरा फैसला लिया गया है। प्रदेश मंत्रिमंडल ने पुलिस भर्ती में होमगार्ड जवानों को शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट देने का निर्णय लिया है। हालांकि, भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा अनिवार्य रहेगी। यानी होमगार्ड जवानों को पुलिस में भर्ती होने के लिए लिखित परीक्षा देनी होगी, लेकिन उन्हें फिजिकल टेस्ट से नहीं गुजरना पड़ेगा। इस फैसले से लंबे समय से पुलिस भर्ती में अवसरों की मांग कर रहे होमगार्ड जवानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
लिखित परीक्षा के आधार पर आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
मंत्रिमंडल के फैसले के अनुसार, पुलिस भर्ती में होमगार्ड जवानों को शारीरिक दक्षता परीक्षा से राहत मिलेगी, लेकिन लिखित परीक्षा की अनिवार्यता बरकरार रहेगी। सरकार ने होमगार्ड जवानों की मांग पर विचार करते हुए यह फैसला लिया है। भर्ती प्रक्रिया और छूट से जुड़ी विस्तृत शर्तें संबंधित आधिकारिक अधिसूचना से स्पष्ट होंगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और वन मित्रों को भी राहत
कैबिनेट की बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, वन मित्रों और स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) से जुड़े कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी का भी निर्णय लिया गया। इन वर्गों के कर्मचारी लंबे समय से मानदेय में सुधार की मांग कर रहे थे।
सरकार के इस कदम से इन कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। होमगार्ड जवानों को पुलिस भर्ती में फिजिकल टेस्ट से छूट देने का फैसला इस बैठक के प्रमुख निर्णयों में शामिल रहा। अब भर्ती से संबंधित नियमों और आगे की प्रक्रिया पर संबंधित विभागों की अधिसूचना महत्वपूर्ण होगी।