चंबा में सड़क हादसे रोकने की पहल, आंकड़ों से चिन्हित होंगे दुर्घटना संभावित मार्ग
चंबा जिले में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली जनहानि को कम करने के लिए ‘शून्य दुर्घटना दिवस की ओर’ कार्यक्रम शुरू किया गया है। परिवहन निदेशक नीरज कुमार ने बचत भवन में इस पहल का शुभारंभ किया। इसके तहत अगले दो माह के दौरान दुर्घटनाओं के आंकड़ों और जमीनी परिस्थितियों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर संवेदनशील सड़क खंडों की पहचान की जाएगी। इसके बाद स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप सुधारात्मक उपायों की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

चंबा/चंबा
सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास और जिला प्रशासन चंबा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में परिवहन निदेशक ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क हादसों की रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक और दुर्घटना संबंधी आंकड़ों का प्रभावी उपयोग जरूरी है। स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर योजनाबद्ध ढंग से सुधार करना होगा। उन्होंने सड़क सुरक्षा को संबंधित विभागों और आम लोगों का साझा दायित्व बताते हुए पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण तथा स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
दो माह में तैयार होगी कार्ययोजना
नीरज कुमार ने बताया कि आंकड़ों और सामुदायिक सहभागिता पर आधारित यह पहल पूरे चंबा जिले में लागू की जाएगी। स्थानीय दुर्घटना आंकड़ों तथा मौके की परिस्थितियों के विश्लेषण से जोखिम वाले सड़क खंड चिन्हित किए जाएंगे और जरूरी सुधारों को प्राथमिकता देकर कार्ययोजना बनाई जाएगी। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने कहा कि जिला प्रशासन संबंधित विभागों के सहयोग से वैज्ञानिक विश्लेषण पर आधारित कदम उठाएगा। पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने यातायात नियमों के पालन, जन-जागरूकता और नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई को आवश्यक बताया।

सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र के मुख्य परिचालन अधिकारी अतुल सिंह, प्रधान परियोजना अधिकारी पंकज मेहरा और वरिष्ठ परियोजना अभियंता अभिषेक ठाकुर ने कार्यक्रम की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाओं के आंकड़ों और जमीनी साक्ष्यों के आधार पर संवेदनशील सड़क खंडों की पहचान की जाएगी। इसके बाद कम लागत वाले इंजीनियरिंग सुधारों, तकनीकी उपायों और अन्य आवश्यक हस्तक्षेपों के माध्यम से सड़क सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने की दिशा में काम होगा।
पहाड़ी सड़कों की चुनौतियों पर रहेगा ध्यान
कार्यक्रम में बताया गया कि चंबा जैसे पहाड़ी जिले में तीखे मोड़, सीमित दृश्यता, बदलती मौसमी परिस्थितियां और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचने में लगने वाला समय सड़क सुरक्षा की प्रमुख चुनौतियां हैं। इन्हें ध्यान में रखते हुए दुर्घटना संभावित स्थलों में सुधार, जागरूकता और सुरक्षित यातायात व्यवहार को बढ़ावा दिया जाएगा। पहल को लागू करने के लिए प्रशासन, पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्थानीय निकायों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।