HPSCB ग्राहकों के लिए जरूरी सूचना: 17 जुलाई शाम से 22 जुलाई सुबह तक ATM सेवाएं समेत कई सेवाएं रहेंगी बंद, पहले निपटा लें जरूरी लेनदेन
17 जुलाई की शाम 5 बजे से 22 जुलाई की सुबह 10 बजे तक हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक अपने कोर बैंकिंग सिस्टम को नए फिनाकल प्लेटफॉर्म पर अपग्रेड करेगा। इस दौरान बैंक की एटीएम, यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस सहित अधिकांश डिजिटल बैंकिंग सेवाएं अस्थायी रूप से उपलब्ध नहीं रहेंगी।
शिमला
कोर बैंकिंग सिस्टम होगा अपग्रेड
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक (HPSCB) ने अपने ग्राहकों के लिए सूचना जारी करते हुए बताया है कि बैंक 17 जुलाई 2026 की शाम 5 बजे से 22 जुलाई 2026 की सुबह 10 बजे तक अपने मौजूदा कोर बैंकिंग समाधान (CBS) को नए फिनाकल (Finacle) कोर बैंकिंग समाधान में माइग्रेट करेगा। बैंक के अनुसार यह तकनीकी प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी की जाएगी और इस दौरान बैंक की अधिकांश शाखा-आधारित तथा डिजिटल सेवाएं अस्थायी रूप से उपलब्ध नहीं रहेंगी। यह बदलाव बैंकिंग प्रणाली को नए प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करने के लिए किया जा रहा है।
कई बैंकिंग सेवाएं रहेंगी प्रभावित
बैंक ने कहा है कि यह तकनीकी उन्नयन ग्राहकों को अधिक सुरक्षित, तेज और आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। माइग्रेशन अवधि में शाखाओं में होने वाले नियमित बैंकिंग कार्यों के साथ-साथ एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी सेवाएं भी प्रभावित रहेंगी। बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया कोर बैंकिंग सिस्टम के स्तर पर की जा रही है, इसलिए इसका असर कई डिजिटल और लेनदेन आधारित सेवाओं पर पड़ेगा।
17 जुलाई शाम 5 बजे से 22 जुलाई सुबह 10 बजे तक रहेंगी सेवाएं बंद
बैंक ने जानकारी दी है कि 17 जुलाई की शाम 5 बजे से शुरू होने वाले इस तकनीकी अपग्रेड के दौरान ग्राहकों को नकद निकासी, ऑनलाइन भुगतान और फंड ट्रांसफर जैसी सेवाओं का उपयोग नहीं मिल सकेगा। इस अवधि में एटीएम सेवाएं, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, आईएमपीएस (IMPS), एनईएफटी (NEFT) और आरटीजीएस (RTGS) लेनदेन उपलब्ध नहीं होंगे। इसके अलावा रूपे डेबिट कार्ड से जुड़ी सेवाएं, आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AEPS) और कोर बैंकिंग सिस्टम आधारित अन्य डिजिटल सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि सेवाएं 22 जुलाई की सुबह 10 बजे के बाद चरणबद्ध रूप से सामान्य की जाएंगी।
नाबार्ड अम्ब्रेला परियोजना के तहत हो रहा माइग्रेशन
बैंक ने बताया कि यह माइग्रेशन नाबार्ड अम्ब्रेला परियोजना के अंतर्गत किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य सहकारी बैंकों में आधुनिक कोर बैंकिंग समाधान लागू करना है। बैंक के अनुसार फिनाकल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरण के बाद परिचालन क्षमता में सुधार होगा और ग्राहकों को बेहतर तथा अधिक सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बैंक ने कहा है कि यह तकनीकी बदलाव भविष्य की बैंकिंग आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
ग्राहकों को पहले से लेनदेन पूरा करने की सलाह
बैंक ने ग्राहकों से अनुरोध किया है कि वे 17 जुलाई की शाम से पहले अपने आवश्यक वित्तीय लेनदेन, भुगतान और फंड ट्रांसफर संबंधी कार्य पूरे कर लें। विशेष रूप से व्यापारियों, वेतनभोगी कर्मचारियों और नियमित ऑनलाइन लेनदेन करने वाले ग्राहकों को अग्रिम योजना बनाने की सलाह दी गई है, ताकि सेवाओं के अस्थायी रूप से बंद रहने के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैंक ने कहा है कि जिन ग्राहकों को नकद निकासी या डिजिटल भुगतान की आवश्यकता है, वे निर्धारित समय से पहले अपने लेनदेन निपटा लें।
बैंक ने असुविधा के लिए खेद जताया
बैंक प्रबंधन ने ग्राहकों को होने वाली अस्थायी असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है। बैंक का कहना है कि विशेषज्ञ टीमें निर्धारित समय सीमा के भीतर माइग्रेशन प्रक्रिया पूरी करने में जुटी रहेंगी और सभी सेवाओं को 22 जुलाई की सुबह 10 बजे तक सामान्य रूप से बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। बैंक ने यह भी कहा कि तकनीकी उन्नयन पूरा होने के बाद ग्राहकों को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और बेहतर डिजिटल बैंकिंग अनुभव मिलेगा। किसी भी सहायता या अतिरिक्त जानकारी के लिए ग्राहक अपनी नजदीकी शाखा अथवा ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।