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हिमाचल को मिली 297 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात, एक चार्ज में 180 किलोमीटर तक दौड़ेंगी

Shailesh Saini • 1 Hour Ago • 1 Min Read

‘हिम-बस प्लस स्मार्ट ट्रैवल कार्ड’ लॉन्च, आरडीजी मुद्दे पर भाजपा पर जमकर बरसे मुख्यमंत्री सुक्खू

हिमाचल नाऊ न्यूज सोलन

हिमाचल प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को बड़ा कदम उठाया। सोलन जिले के क्यारीघाट स्थित होटल मेघदूत में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘हिम-बस प्लस स्मार्ट ट्रैवल कार्ड’ का शुभारंभ किया और नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश को वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर और वर्ष 2030 तक अत्याधुनिक परिवहन व्यवस्था वाला राज्य बनाने का लक्ष्य दोहराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 297 नई इलेक्ट्रिक बसें विभिन्न एचआरटीसी डिपो में भेजी जा चुकी हैं। ये अत्याधुनिक बसें एक बार चार्ज होने पर करीब 180 किलोमीटर तक चलने में सक्षम हैं। इनके संचालन से प्रति किलोमीटर 40 से 50 रुपये तक की बचत होगी, जिससे हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार इस वर्ष 1000 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने जा रही है और भविष्य में 100 हाइड्रोजन बसों के संचालन की भी योजना है।मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार हरित ऊर्जा, स्वच्छ पर्यावरण और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। ‘हिम-बस प्लस स्मार्ट ट्रैवल कार्ड’ से यात्रियों को डिजिटल और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में लगातार फैसले ले रही है, जिससे विपक्ष बौखला गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने 16वें वित्त आयोग के समक्ष हिमाचल की रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) बंद करने की पैरवी कर प्रदेश के हितों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि सरकार हिमाचल के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से लड़ रही है।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एक समय भाजपा इलेक्ट्रिक बसों के संचालन पर सवाल उठाती थी, लेकिन आज प्रदेश के पास सैकड़ों इलेक्ट्रिक बसों का मजबूत बेड़ा तैयार है, जो हिमाचल को स्वच्छ, आधुनिक और आत्मनिर्भर परिवहन व्यवस्था की ओर ले जाएगा।

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