हिमाचल प्रदेश के ड्रग कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर को मिला बड़ा सम्मान
प्रदेश के एकमात्र पहले ड्रग कंट्रोलर जिन्हें मिली है ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड में सदस्यता, इन्होंने दी शुभकामनाएं
हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला
हिमाचल प्रदेश के ड्रग कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर को केंद्र सरकार ने प्रतिष्ठित ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) का सदस्य नियुक्त किया है। उनकी इस नियुक्ति को लेकर प्रदेश में दवा निर्माता को नई उम्मीदें भी जगी हैं । HDMA जिला सिरमौरी का कहना है कि दो कपूर एक बेहद ईमानदार और स्वच्छ छवि के अधिकारी हैं।
प्रदेश के प्रमुख दवानिर्माता मनोज गर्ग , संजीव भटिया, पुरुषोत्तम गोयल, रजत भाटिया, संजय आहूजा,, उदय चंद्र, कमल भाटिया, सीएस पुष्करना, संजीव सैनी, आदि ने डॉक्टर कपूर की नियुक्ति को लेकर उन्हें शुभकामनाएं दी है। इनका कहना है कि प्रदेश में दवा निर्माण का जो स्वर्णिम दौर था वह फिर से लौट आया है।
बता दे कि यह नियुक्ति औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 5 की उपधारा (2) के तहत की गई है ।डॉ. मनीष कपूर किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से एकमात्र ऐसे ड्रग कंट्रोलर हैं, जिनकी नियुक्ति इस प्रभावशाली बोर्ड में की गई है।
यह उनकी विशेषज्ञता और दवा विनियमन के क्षेत्र में नेतृत्व को देश भर से एकमात्र ड्रग कंट्रोलर, प्रतिष्ठित बोर्ड में किए शामिल मान्यता देता है। ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड भारत भर में दवा विनियमन से संबंधित तकनीकी मामलों पर केंद्र और राज्य सरकारों को सलाह देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
डॉ. कपूर की नियुक्ति से दवा विनियमन नीतियों की प्रभावशीलता में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे हिमाचल प्रदेश की राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों को आकार देने में भूमिका और भी बढ़ जाएगी।
यह उपलब्धि राज्य की स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में बढ़ती प्रमुखता को दर्शाती है। डॉ. कपूर ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और देशभर में दवाओं के मानकों को मजबूत करना है।