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हिमाचल प्रदेश सरकार ने उद्योगों पर लगने वाला बिजली शुल्क बढ़ाया

Ankita • 11 Sep 2023 • 1 Min Read

HNN/ शिमला

हिमाचल सरकार ने प्रदेश में उद्योगों के लिए बिजली महंगी कर दी है। प्रदेश सरकार ने उद्योगों पर लगने वाले बिजली शुल्क 19 फीसदी तक बढा दिया है, जबकि सीमेंट उद्योगों के लिए यह 25 फीसदी तक किया गया है। सरकार ने घरेलू, कृषि और सिंचाई की बिजली के शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की है, लेकिन उद्योगों को बिजली शुल्क बढ़ाकर जरूर झटका दिया है।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने एचटी (हाई टेंशन) के तहत आने वाले उद्योग के लिए बिजली शुल्क 11 फीसदी से बढ़ाकर 19 फीसदी कर दिया है। इसी तरह ईएचटी (एक्सट्रीम हाई टेंशन) उद्योगों के लिए इसे 13 फीसदी से बढ़ाकर 19 फीसदी कर दिया है। इसी तरह छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए बिजली शुल्क 11 फीसदी से 17 फीसदी तक कर दिया है।

वहीं, सरकार ने सीमेंट प्लांट पर बिजली शुल्क 17 फीसदी से 25 फीसदी कर दिया है इसी तरह सरकार ने डीजल जनरेटर सेट द्वारा बिजली उत्पादन पर 45 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली शुल्क लगा दिया है सरकार के फैसले के मुताबिक स्टोन क्रशरों पर बिजली शुल्क 25 फीसदी रहेगा। प्रदेश सरकार ने कैप्टिव प्रोडक्शन और ग्रीन एनर्जी पर बिजली शुल्क में दी गई रियायत भी वापस ले ली है।

मंडी और आपदा के दौर से गुजर रहे उद्योगों को सरकार ने बिजली की दरें बढ़ाकर झटका दे दिया है। इसे लेकर कालाअंब के औद्योगिक संगठनों ने दरें कम करने के लिए प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है। बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार ने 2 से 19 फीसदी तक विद्युत की दरों में बढ़ोतरी की है। विद्युत दरें बढ़ने से उद्योगों की और हालत खस्ता हो गई है। मंदी के कारण उद्योगों में पहले ही उत्पादन 25 फीसदी कम हो रहा है।