हिमाचल में अब “लाइम रोग” का कहर, इतने मरीज पाए गए पॉजिटिव….
HNN/ शिमला
हिमाचल प्रदेश में कोरोना, डेंगू, स्क्रब टाइफस के बाद अब दुर्लभ लाइम रोग का कहर शुरू हो गया है। बता दें लाइम रोग अमेरिका और यूरोप में तेजी से बढ़ने वाली वायरस जनित बीमारी है। यूरोप से यह पिछले 25 वर्षों से दुनियाभर में फैल रही है।
हिमाचल में अब पहली बार इस रोग के मरीज मिले है। जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में 232 लोगों के नमूने एकत्रित किए थे। जिनमें से जांच में 144 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं। बता दें आईजीएमसी शिमला में इन मरीजों के टेस्ट पॉजिटिव मिले है। वहीं यह नमूने आगामी पुष्टि के लिए एम्स नई दिल्ली भेजे गए हैं।
क्या है लाइम रोग
लाइम रोग एक छोटे बैक्टीरिया स्पाइरोकीट यानी बोरेलिया बर्गडोरफेरी सेंसु लेटो के कारण होता है, जो टिक कीड़े की इक्सोडेस प्रजाति के काटने से होता है। यह रोग मई से सितंबर के बीच होता है। यह टिक जंगल और आसपास के इलाकों में पाया जाता है। यह पशुओं से चिपककर रक्त चूसता रहता है। टिक चूहों, बैलों-गायों व पक्षियों की कुछ प्रजातियों में पाया जाता है।