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हिमाचल में ओपीएस को लेकर एसओपी जारी, लाखों कर्मचारियों को मिली राहत

Ankita 5 May 2023 Edited 5 May 1 min read

HNN/ शिमला

हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह ‘सुक्खू’ सरकार ने राज्य में पुरानी पेंशल योजना बहाल कर दी। सुक्खू सरकार ने गुरुवार, 4 अप्रैल को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को भी जारी कर दिया है। सुक्खू सरकार ने एसओपी जारी कर लाखों कर्मचारियों को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। इस योजना को केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1972 के रूप में भी जाना जाता है।

सरकार ने कर्मचारियों के सामने इसके विकल्प रखे हैं। एसओपी के अनुसार, जो कर्मचारी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली यानी एनपीएस के तहत रहना चाहते हैं, वे इन निर्देशों के जारी होने के 60 दिनों के भीतर इसका विकल्प संबंधित कार्यालय प्रमुख को पेश करेंगे। ऐसे कर्मचारियों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में कवर किया जाना जारी रहेगा।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत अंशदान (नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का हिस्सा) कर्मचारी की रिटायरमेंट तक पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण विनियमों के अनुसार जमा किया जाएगा। केंद्रीय सिविल सेवा नियम 1972, के तहत पेंशन पात्रता मानदंड पूरा करने वाले जिन एनपीएस कर्मचारियों की 15 मई 2003 से 31 मार्च 2023 के बीच पहले ही सेवानिवृत्त या मृत्यु हो चुकी है।

ऐसे सेवानिवृत्त और मृत कर्मचारी के पात्र परिवार के सदस्य निर्धारित प्रारूप पर विकल्प का इस्तेमाल करने पर 1 अप्रैल 2023 से पेंशन के हकदार होंगे।