Loading...

हिमाचल में तबादलों पर ब्रेक, पंचायत चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग सख्त

PRIYANKA THAKUR 27 Mar 2026 Edited 27 Mar 1 min read

Himachalnow / शिमला

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों से पहले निर्वाचन आयोग ने प्रशासनिक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगा दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक बिना अनुमति कोई भी स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।

शिमला

हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनावों से पहले अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगा दी गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में मुख्य सचिव को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए चुनावी प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया है।निर्वाचन आयोग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार चुनाव से जुड़े कार्यों में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को अब बिना आयोग की सहमति के इधर-उधर नहीं किया जा सकेगा। आयोग का मानना है कि चुनावी तैयारियों के बीच तबादले होने से जमीनी स्तर पर काम प्रभावित हो सकता है और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता व सुचारू संचालन पर असर पड़ सकता है।

आयोग ने अपने पत्र में सर्वोच्च न्यायालय के उस निर्देश का भी हवाला दिया है, जिसमें पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव 31 मई 2026 तक पूरे करने को कहा गया है। इसी के मद्देनजर हिमाचल में मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण सहित चुनावी तैयारियां तेज कर दी गई हैं और कई स्तरों पर प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि चुनाव कार्यों में लगे अधिकारी और कर्मचारी इस अवधि में आयोग के अधीन माने जाएंगे। यानी अब वे चुनावी ड्यूटी के दौरान आयोग के नियंत्रण, पर्यवेक्षण और अनुशासन के तहत कार्य करेंगे। ऐसे में किसी भी स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल को आयोग ने फिलहाल उचित नहीं माना है।

आयोग का कहना है कि पंचायत और शहरी निकाय चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए यह कदम जरूरी है। यही वजह है कि सभी विभागों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है।हिमाचल में पंचायत चुनावों की सरगर्मी के बीच तबादलों पर लगी यह रोक अब प्रशासनिक हलकों में भी बड़ी हलचल का कारण बन गई है। साफ है कि चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक सरकारी मशीनरी पर निर्वाचन आयोग की सीधी नजर रहने वाली है।