हिमाचल में दुर्गम क्षेत्र के लिए स्थायी एयर एम्बुलेंस सेवा की मांग, केंद्रीय मंत्री ने दिया शीघ्र समाधान का आश्वासन
हिमाचल नाऊ न्यूज शिमला
हिमाचल प्रदेश के दुर्गम एवं जनजातीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से मुलाकात कर प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के लिए स्थायी एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू करने की मांग उठाई। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय मंत्री को विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा।
डॉ. सिकंदर कुमार ने बताया कि चंबा की पांगी घाटी, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कांगड़ा के बड़ा भंगाल तथा शिमला के डोडरा-क्वार जैसे क्षेत्र वर्ष के अधिकांश समय भारी बर्फबारी और प्राकृतिक आपदाओं के कारण देश के अन्य हिस्सों से कटे रहते हैं। विशेष रूप से पांगी घाटी का संपर्क साच पास बंद होने के कारण लंबे समय तक बाधित रहता है, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। हृदयाघात, सड़क दुर्घटनाओं, गर्भावस्था संबंधी जटिलताओं और अन्य आपात स्थितियों में केवल सड़क मार्ग पर निर्भर रहना मरीजों के जीवन के लिए जोखिमपूर्ण साबित होता है।
ऐसे में स्थायी एयर एम्बुलेंस सेवा हजारों लोगों के लिए जीवनरक्षक सिद्ध हो सकती है।राज्यसभा सांसद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि हिमाचल के चिन्हित जनजातीय एवं अति-दुर्गम क्षेत्रों के लिए इस सेवा को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जाए, ताकि मेडिकल इमरजेंसी के दौरान मरीजों को तत्काल एयरलिफ्ट कर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर इस दिशा में शीघ्र स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
डॉ. सिकंदर कुमार ने विश्वास जताया कि एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू होने से प्रदेश के सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को समय पर आपातकालीन चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी और अनेक बहुमूल्य जीवन बचाए जा सकेंगे। उन्होंने इस जनहितकारी मांग पर सकारात्मक आश्वासन देने के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार भी व्यक्त किया।