हिमाचल में बदलेंगे भवन निर्माण के नियम
HNN/शिमला
हिमाचल में अब हर शहर के लिए भवन निर्माण के अलग नियम होंगे। सरकार डेवलपमेंट प्लान तैयार कर रही है। अमृत-1 के तहत शिमला और कुल्लू, जबकि धर्मशाला, ऊना, मंडी, सोलन, नाहन और चंबा शहर में अमृत-2 प्लान के तहत नियम बनाए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में अब भवन बनना है तो स्ट्रक्चर डिजाइन और इंजीनियर की रिपोर्ट होना जरूरी है। शिमला डेवलपमेंट प्लान की तर्ज पर शहरी निकायों के लिए भवन बनाने के प्लान बनाए गए हैं। प्राकृतिक आपदा में जो मकान गिरे या क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनका मुख्य कारण स्ट्रक्चर डिजाइन और इंजीनियरों से सलाह न लिया जाना बताया जा रहा है।
प्रदेश में 59 शहरी निकाय हैं। टीसीपी मंत्री राजेश धर्माणी ने विधानसभा में इसे लेकर विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के लिए डेवलपमेंट प्लान बनाने की सख्त जरूरत है। हिमाचल प्रदेश में अब नालों और खड्डों के किनारे उचित दूरी पर भवनों का निर्माण करना होगा। नालों से 5 मीटर, जबकि खड्डों व नदी से 7 मीटर छोड़कर ही लोग भवनों का निर्माण कर सकेंगे।