HNN/ शिमला
हिमाचल प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य के साथ एक बार फिर से खिलवाड़ हुआ है। बीमारी से बचने के लिए लोग दवाओं का सेवन करते हैं परंतु यही दवाएं उनकी जान की दुश्मन बन रही है। जी हां, एक बार फिर से हिमाचल प्रदेश में बनने वाली कई दवाओं के सैंपल फेल हो गए हैं जिससे लोगों में भी हड़कंप मच गया है। सोलन और सिरमौर के उद्योगों में बनने वाली तकरीबन 13 दवाओं के सैंपल फेल पाए गए हैं।
ड्रग कंट्रोलर नवनीत मरवाह ने कहा कि 13 दवाओं के सैंपल फेल हुए है, जिनमें 10 दवाएं सोलन और तीन सिरमौर के उद्योगों में बनी हैं। कहा कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रक संगठन के मई के ड्रग अलर्ट में ये दवाएं मानकों पर सही नहीं उतरी हैं। जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनका स्टॉक बाजार से वापस मंगवाने के लिए कंपनी प्रबंधकों को कहा गया है।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group
इन दवाओं के सैंपल हुए फेल
कालाअंब स्थित सिबोसिस फार्मास्युटिकल कंपनी की वेमीफोल प्लस कैप्सूल, सिरमौर जिले के खैरी स्थित स्किन इंफेक्शन की दवा ओमोक्सिसिलीन पोटाशियम क्लावलेनट टेबलेट, पांवटा साहिब में बनी ओमेप्रोजोल, सोलन जिले के किशनपुरा स्थित एसोसिएटेड बॉयोटेक कंपनी की ओमोक्सिसिलीन क्लेवुलेनिक, लोधी माजरा स्थित समर्थ लाइफ साइंस में एनोक्सापाइरीन सोडियम इंजेक्शन, लोधी माजरा स्थित नवकार लाइफ साइंस में एसिडिटी की दवा प्रेंटा प्रोजोल, बरोटीवाला स्थित बीपी की दवा टेल्मीसार्टन, सोलन जिले के थाना स्थित डॉ. रैडी लैबोरेटरी कंपनी में बनी ओमेप्रोजोल कैप्सूल, बद्दी के विंगस बायोटेक की एलर्जी की दवा डेक्सामेथासोन, मलकू माजरा स्थित मर्टिन एंड ब्राउन लाइफ साइंस कंपनी में बनी मेट्रोनिडाजोल दवा, बद्दी के भटोली कलां स्थित जीएमएच लैबोरेटरी की सिर दर्द की दवा अरमनेक जेल, किशनपुरा स्थित एलडर लैब की उल्टी की दवा ओनडे स्ट्रोन इंजेक्शन और झाड़माजरी स्थित स्कॉटएडिल कंपनी की उच्च रक्तचाप की दवा एम्लोवास के सैंपल फेल हुए हैं।
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group





