HNN/ शिमला
हिमाचल प्रदेश में बनी 24 दवाओं के सैंपल फेल हो गए हैं। केन्द्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने इस माह का ड्रग अलर्ट जारी किया है। हैरानी की बात यह है कि देश में कुल 61 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं जिसमें 15 दवाएं हिमाचल की है।
जो दवाएं गुणवत्ता के पैमाने पर खरा नहीं उतरी हैं, उनमें फंगल इन्फेक्शन, कैंसर, टाइप 2 डायबिटीज, गंभीर जीवाणु संक्रमण, कार्डियक अरेस्ट, एंटीबायोटिक, श्वसन रोग, एंटी-इन्फ्लेमेटरी ड्रग, एनजाइना, अल्जाइमर, एंटीपैरासिटिक, पेट में अल्सर, बुखार सहित दर्द के उपचार में इस्तेमाल की जाने वाली दवाएं शामिल हैं।
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इन दवाओं का निर्माण बद्दी, बरोटीवाला, वाकनाघाट, पांवटा साहिब स्थित दवा उद्योगों में हुआ है। बद्दी स्थित एफी फार्मा उद्योग के पांच सैंपल फेल हुए हैं। इस उद्योग के खिलाफ पहले ही राज्य दवा नियंत्रक प्राधिकरण कार्रवाई करते हुए दवा उत्पादन पर रोक लगा चुका है।
सीडीएससीओ द्वारा जारी अक्तूबर माह के ड्रग अलर्ट में नई दिल्ली, जम्मू, राजस्थान, बिहार उत्तराखंड, बंगलुरु , कोलकाता, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट, चेन्नई में निर्मित 37 दवाएं भी सबस्टेंडर्ड पाई गई हैं। राज्य दवा नियंत्रक ने तुरंत हरकत में आते हुए ड्रग अलर्ट में शामिल तमाम दवा कंपनियों को नोटिस जारी कर संबंधित दवा का पूरा बैच बाजार से तत्काल वापस मंगवाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
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