हिमाचल में भारी भूस्खलन, 10 अस्थायी घर और सेब के बगीचे तबाह
HNN/शिमला
हिमाचल प्रदेश की बधाल पंचायत के नजदीक शिकारी नाला में शनिवार देर रात करीब 11 बजे अचानक पहाड़ी से भारी भूस्खलन होने से 10 अस्थायी घरों (दोगरी) समेत सेब के बगीचे तबाह हो गए। लोगों का कहना है कि जिस तरह से रात को भूस्खलन के दौरान आवाजें आ रही थी, उसे लगा कि बादल फटा हो। उधर, प्रशासन ने बादल फटने की घटना से इन्कार किया है।
शिमला जिले के रामपुर उपमंडल की बधाल पंचायत के नजदीक शिकारी नाला में शनिवार देर रात करीब 11 बजे अचानक पहाड़ी से भारी भूस्खलन होने से 10 अस्थायी घरों (दोगरी) समेत सेब के बगीचे तबाह हो गए। मलबा और पत्थर गिरने की आवाज सुनकर लोग रात को घर छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर भाग गए। शिकारी नाला में भूस्खलन की चपेट में आने से आसपास के घरों को भी खतरा पैदा हो गया है।
बधाल पंचायत के उपप्रधान संजय जिस्टू ने मौके पर पहुंच स्थिति का जायजा लिया। उपप्रधान ने बताया कि शिकारी नाला में भूस्खलन होने से 10 अस्थायी घरों समेत कई लोगों के सेब बगीचों का नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से नुकसान का आकलन करके प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही कहा कि नाले के आसपास के जिन मकानों को खतरा पैदा हो गया है, उन्हें बचाने के लिए भी ठोस कदम उठाया जाए।