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हिमाचल में श्याम भगत नेगी को डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार, अशोक तिवारी अवकाश पर, सरकार ने जारी किए आदेश

PRIYANKA THAKUR 21 Mar 2026 Edited 21 Mar 1 min read

Himachalnow / शिमला

हिमाचल सरकार ने पुलिस प्रशासन की निरंतरता बनाए रखने के लिए श्याम भगत नेगी को अस्थायी डीजीपी का कार्यभार सौंपा है। मौजूदा डीजीपी अशोक तिवारी के अवकाश पर जाने के दौरान यह व्यवस्था लागू रहेगी।

शिमला

श्याम भगत नेगी को सौंपी गई अतिरिक्त जिम्मेदारी
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पुलिस प्रशासन में सुचारू कार्यप्रणाली बनाए रखने के लिए बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी श्याम भगत नेगी को अस्थायी तौर पर डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। वह वर्तमान में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर तैनात हैं और अब डीजीपी के साथ-साथ डीजीपी सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जिम्मेदारी भी संभालेंगे, जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित न हो।

अशोक तिवारी के अवकाश के चलते व्यवस्था
सरकार की ओर से यह व्यवस्था इसलिए की गई है क्योंकि मौजूदा डीजीपी अशोक तिवारी 23 मार्च 2026 से 31 मार्च 2026 तक अवकाश पर रहेंगे। इस दौरान श्याम भगत नेगी इन पदों का कार्यभार संभालेंगे और पुलिस विभाग के संचालन को सुचारू बनाए रखेंगे। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

1 अप्रैल से फिर संभालेंगे तिवारी कार्यभार
अधिसूचना के अनुसार, अशोक तिवारी 1 अप्रैल 2026 से दोबारा अपने पद का कार्यभार संभाल लेंगे। वहीं श्याम भगत नेगी 31 मार्च को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं, ऐसे में यह अतिरिक्त जिम्मेदारी उनके सेवा काल के अंतिम दिनों में दी गई है। इस निर्णय को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे विभाग में निरंतरता बनी रहेगी।

आईएएस अरिंदम चौधरी को केंद्र में नई जिम्मेदारी
इस बीच एक अन्य प्रशासनिक आदेश में हिमाचल प्रदेश कैडर के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी अरिंदम चौधरी को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नई दिल्ली स्थित इस्पात मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार उनकी नियुक्ति केंद्रीय स्टाफिंग स्कीम के तहत चार वर्षों के लिए की गई है, जो उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी।

तीन सप्ताह में ज्वाइनिंग अनिवार्य
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अरिंदम चौधरी को तीन सप्ताह के भीतर अपने नए पद पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। राज्य सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें तत्काल प्रभाव से वर्तमान दायित्वों से मुक्त किया जाए, ताकि वे समय पर नई जिम्मेदारी संभाल सकें। निर्धारित समयसीमा में ज्वाइन न करने की स्थिति में केंद्रीय स्टाफिंग स्कीम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।