हिमाचल में SMC शिक्षकों के मर्ज की प्रक्रिया शुरू, 5% LDR कोटे के तहत काउंसलिंग के लिए बुलाए अभ्यर्थी
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश में एसएमसी शिक्षकों को शिक्षा विभाग में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चयनित अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत एलडीआर कोटे के तहत काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है। काउंसलिंग के बाद इन्हें जॉब ट्रेनी के रूप में नियुक्त किया जाएगा और तय प्रक्रिया के अनुसार नियमितीकरण किया जाएगा।
शिमला
SMC शिक्षकों के मर्ज की प्रक्रिया शुरू
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के तहत कार्यरत शिक्षकों को शिक्षा विभाग में शामिल करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार द्वारा इन शिक्षकों को 5 प्रतिशत एलडीआर (सीमित सीधी भर्ती) कोटे के तहत जॉब ट्रेनी आधार पर नियुक्त किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत पहले लिखित परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें सफल अभ्यर्थियों को अब अगले चरण में शामिल किया जा रहा है।
काउंसलिंग के लिए जारी निर्देश
एलडीआर परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को 27 मार्च को स्कूल शिक्षा निदेशालय में काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है। इस काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच, पात्रता की पुष्टि और नियुक्ति से संबंधित औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को विभाग में जॉब ट्रेनी के रूप में नियुक्ति दी जाएगी और उन्हें संबंधित स्कूलों में तैनाती प्रदान की जाएगी।
जॉब ट्रेनी के बाद नियमितीकरण का प्रावधान
नए प्रावधानों के अनुसार चयनित शिक्षक प्रारंभिक रूप से दो वर्ष तक जॉब ट्रेनी के रूप में कार्य करेंगे। इस अवधि के दौरान उनकी सेवा का मूल्यांकन किया जाएगा और निर्धारित समयावधि पूरी होने के बाद उन्हें नियमित किया जाएगा। शिक्षा विभाग द्वारा इस प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं और सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोटे के तहत शिक्षकों का चयन और सत्यापन प्रक्रिया
राज्य सरकार ने एसएमसी शिक्षकों के लिए 5 प्रतिशत एलडीआर कोटा निर्धारित किया है, जिसके तहत चयन प्रक्रिया संचालित की जा रही है। सीएंडवी श्रेणी सहित अन्य संबंधित श्रेणियों के शिक्षकों का रिकॉर्ड निदेशालय स्तर पर जांचा जा रहा है ताकि पात्रता और सेवा अवधि का सत्यापन किया जा सके। इस प्रक्रिया का उद्देश्य योग्य और पात्र अभ्यर्थियों को ही विभाग में शामिल करना है और चयन प्रणाली को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखना है।
अन्य श्रेणियों के लिए प्रक्रिया अभी लंबित
राज्य के सरकारी स्कूलों में लगभग 2400 एसएमसी शिक्षक कार्यरत हैं, जो पिछले 15 से 20 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। जेबीटी, टीजीटी, सीएंडवी और पीईटी श्रेणियों के लिए एलडीआर कोटा निर्धारित किया गया है, जबकि प्रवक्ता और डीपीई श्रेणियों के लिए अभी तक नियमों में संशोधन नहीं किया गया है। इन श्रेणियों के शिक्षकों के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाने को लेकर निर्णय लंबित है, जिसके चलते संबंधित अभ्यर्थियों को आगे की अधिसूचना का इंतजार है।