Loading...

15 जनवरी 2026 तक गेहूं की फसल का बीमा करवाएं किसान , नुकसान से मिलेगी आर्थिक सुरक्षा : उपायुक्त राहुल कुमार

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 25 Dec 2025 • 1 Min Read

प्राकृतिक आपदाओं और मौसम आधारित जोखिमों से फसल को होने वाले नुकसान से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने किसानों से समय रहते गेहूं की फसल का बीमा करवाने की अपील की है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को कम प्रीमियम पर व्यापक सुरक्षा प्रदान की जा रही है।

बिलासपुर

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा की अंतिम तिथि
उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि जिला कृषि विभाग के माध्यम से संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसान 15 जनवरी 2026 तक गेहूं की फसल का बीमा करवा सकते हैं। यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और अन्य कृषि जोखिमों से होने वाले संभावित नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।

बीजाई से कटाई तक फसल को मिलेगी सुरक्षा
उपायुक्त ने बताया कि बीजाई के समय यदि असामान्य मौसमी परिस्थितियों के कारण बुआई न हो पाए या फसल को नुकसान पहुंचे, तो उस स्थिति में भी योजना के तहत मुआवजा प्रदान किया जाता है। इसके अलावा खड़ी फसल को सूखा, बाढ़, लंबी शुष्क अवधि, रोग, कीट प्रकोप और जलभराव जैसी आपदाओं से होने वाले नुकसान की भी भरपाई की जाती है।

कटाई के बाद भी बीमा सुरक्षा का लाभ
उन्होंने बताया कि फसल कटाई के दो सप्ताह के भीतर यदि गैर-मौसमी बारिश, चक्रवात या चक्रवाती वर्षा से नुकसान होता है, तो उस स्थिति में भी बीमा सुरक्षा उपलब्ध है। अधिसूचित क्षेत्रों में ओलावृष्टि, भूस्खलन और जलभराव जैसी स्थानीयकृत आपदाएं भी योजना के अंतर्गत शामिल हैं।

प्रीमियम दर और बीमित राशि की जानकारी
उपनिदेशक कृषि प्रेम चंद ठाकुर ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए कुल बीमित राशि 60 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है। कुल प्रीमियम 12 प्रतिशत अर्थात 7200 रुपये प्रति हेक्टेयर है, जिसमें किसान को केवल 1.5 प्रतिशत यानी 900 रुपये प्रति हेक्टेयर या 72 रुपये प्रति बीघा का भुगतान करना होगा। शेष राशि सरकार द्वारा अनुदान के रूप में वहन की जाएगी।

जानकारी के लिए यहां कर सकते हैं संपर्क
उन्होंने बताया कि योजना से संबंधित जानकारी के लिए किसान विषयवाद विशेषज्ञ रतन ठाकुर (सदर), बृजेश चंदेल (घुमारवीं), किशोर कुमार (झंडुता), दीपक कुमार (श्री नैना देवी जी) सहित संबंधित ब्लॉक समन्वयकों और कृषि बीमा कंपनी के जिला समन्वयक से संपर्क कर सकते हैं।

Related Topics: