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15 से अधिक ओवरलोड ट्रॉलों ने एनएच-07 किया जाम, खनन सामग्री से लदे वाहनों पर फिर उठे सवाल

Shailesh Saini • 44 Mins Ago • 1 Min Read

हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन

एनएच-07 पर खजूरना पुल से पीछे गोरखे के ढाबे के नजदीक मंगलवार सुबह करीब छह बजे से यातायात पूरी तरह ठप पड़ा है। हाईवे पर 15 से अधिक बड़े ओवरलोड ट्रॉले खनन सामग्री लेकर फंसे हुए हैं, जिसके चलते चंडीगढ़, देहरादून, दिल्ली समेत अन्य राज्यों की ओर जाने वाले वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब तीन घंटे से अधिक समय से लगे इस जाम ने एक बार फिर सिरमौर में ओवरलोडिंग की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर खनन सामग्री से लदे ओवरलोड ट्रॉलों का यह सिलसिला कब तक चलता रहेगा? सड़क पर क्षमता से कई गुना भार लेकर दौड़ते इन भारी वाहनों के कारण न केवल हाईवे की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि आम वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

जाम में फंसे वाहन चालकों गुलशन कुमार, नवीन पटनायक और संगीता नेगी ने बताया कि वे दो घंटे से भी अधिक समय से हाईवे पर फंसे हुए हैं। वाहन चालकों का कहना है कि इतनी देर बीतने के बावजूद संबंधित विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नजर नहीं आया।जाम की सूचना थाना सदर प्रभारी कुलबीर सिंह को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया।

थाना सदर प्रभारी ने बताया कि पुलिस जवानों को यातायात बहाल करवाने के लिए भेजा गया है और जल्द जाम खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है।

यहां सवाल पुलिस की गश्त पर नहीं, बल्कि ओवरलोडिंग रोकने की जिम्मेदारी निभाने वाले परिवहन विभाग की सक्रियता पर है। पुलिस यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करती है, लेकिन ओवरलोडिंग की जांच और कार्रवाई परिवहन विभाग के दायरे में आती है।

ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब एक साथ 15 से अधिक ओवरलोड ट्रॉले हाईवे पर दिखाई दे रहे हैं तो परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था आखिर कहां है?नाहन के पूर्व विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल भी ओवरलोडिंग और भारी वाहनों के मुद्दे पर सरकार व अधिकारियों को चेताते रहे हैं।

बावजूद इसके स्थिति में बदलाव नजर नहीं आ रहा। अगर कार्रवाई सिर्फ हादसे या जाम लगने के बाद ही होनी है तो फिर हाईवे पर ओवरलोडिंग रोकने के लिए नियमित निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था आखिर किसलिए है?सिरमौर से हरियाणा की ओर खनन सामग्री लेकर गुजर रहे इन भारी वाहनों को लेकर लोगों में भी नाराजगी बढ़ रही है।

सवाल अब केवल एक जाम का नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और जिम्मेदार विभाग की जवाबदेही का है।आखिर 15 से अधिक ओवरलोड ट्रॉले सड़क पर फंसने के बाद भी व्यवस्था क्यों नहीं जागती? खनन सामग्री की ओवरलोडिंग का यह सिलसिला आखिर कब तक चलेगा और जिम्मेदार विभाग कब कार्रवाई करेगा?

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