Achievement / भारतीय सेना में सिल्वर गन ट्रॉफी हासिल करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं लैफ्टिनैंट प्रगति ठाकुर
Achievement : सोलन जिले के अर्की उपमंडल की लैफ्टिनैंट प्रगति ठाकुर ने भारतीय सेना की प्रतिष्ठित सिल्वर गन ट्रॉफी प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। स्कूल ऑफ आर्टिलरी में आयोजित यंग ऑफिसर्स कोर्स के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। सेना की आर्टिलरी रेजीमेंट में यह ट्रॉफी हासिल करने वाली वह देश की पहली महिला अधिकारी बनी हैं।
सोलन
आर्टिलरी रेजीमेंट में दर्ज की विशेष उपलब्धि
सोलन जिले के अर्की उपमंडल के कहडोग गांव की निवासी लैफ्टिनैंट प्रगति ठाकुर ने भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजीमेंट में सिल्वर गन ट्रॉफी हासिल की है। भारतीय सेना में यह ट्रॉफी आर्टिलरी शाखा के युवा अधिकारियों के लिए सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में गिनी जाती है। सेना से प्राप्त जानकारी के अनुसार लैफ्टिनैंट प्रगति ठाकुर इस सम्मान को प्राप्त करने वाली देश की पहली महिला अधिकारी बनी हैं। उन्होंने यह उपलब्धि स्कूल ऑफ आर्टिलरी में आयोजित यंग ऑफिसर्स कोर्स के दौरान हासिल की, जहां विभिन्न सैन्य और तकनीकी मानकों के आधार पर अधिकारियों का मूल्यांकन किया जाता है।
यंग ऑफिसर्स कोर्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन
सिल्वर गन ट्रॉफी उन अधिकारियों को प्रदान की जाती है जो यंग ऑफिसर्स कोर्स के दौरान नेतृत्व क्षमता, सामरिक समझ, सैन्य कौशल, तकनीकी दक्षता, फायर कंट्रोल, प्रशिक्षण प्रदर्शन तथा पेशेवर मानकों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। इस कोर्स में अधिकारियों का मूल्यांकन लिखित परीक्षाओं, फील्ड अभ्यास, तकनीकी प्रशिक्षण और नेतृत्व संबंधी विभिन्न गतिविधियों के आधार पर किया जाता है। लैफ्टिनैंट प्रगति ठाकुर ने इन सभी निर्धारित मानकों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया और सिल्वर गन ट्रॉफी अपने नाम की।
पहले भी हासिल कर चुकी हैं स्वर्ण पदक
लैफ्टिनैंट प्रगति ठाकुर इससे पहले भी सैन्य प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुकी हैं। मार्च 2025 में चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) की पासिंग आउट परेड में उन्होंने पूरे बैच में प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया था। प्रशिक्षण अवधि के दौरान उन्हें अकादमी अंडर ऑफिसर की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी, जिसे कैडेट्स के बीच वरिष्ठ नेतृत्व पद माना जाता है। ओटीए में प्रथम स्थान प्राप्त करने के बाद अब सिल्वर गन ट्रॉफी हासिल करना उनके लगातार उच्च प्रदर्शन को दर्शाता है।
सेना से जुड़ा रहा है पारिवारिक पृष्ठभूमि
लैफ्टिनैंट प्रगति ठाकुर का परिवार लंबे समय से सेना से जुड़ा रहा है। उनके पिता बालक राम ठाकुर भारतीय सेना से सेवानिवृत्त ऑनरेरी कैप्टन हैं, जबकि उनकी माता मीना ठाकुर गृहिणी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय जतोग में हुई, जहां उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों के साथ अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके बाद उन्होंने संजौली कॉलेज से स्नातक की शिक्षा पूरी की और रक्षा सेवाओं में करियर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया।
सीडीएस परीक्षा पास कर हासिल किया लक्ष्य
स्नातक शिक्षा पूरी करने के बाद प्रगति ठाकुर ने संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके पश्चात उन्होंने सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) की बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की, जिसमें मनोवैज्ञानिक परीक्षण, समूह कार्य, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तिगत साक्षात्कार शामिल होते हैं। चयन के बाद उन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त किया और भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में नियुक्ति हासिल की। वर्तमान में वह भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजीमेंट में सेवाएं दे रही हैं।
क्षेत्र में व्यक्त की गई शुभकामनाएं
लैफ्टिनैंट प्रगति ठाकुर की इस उपलब्धि पर उनके पैतृक क्षेत्र अर्की सहित सोलन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, पूर्व सैनिकों तथा सामाजिक संगठनों ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे प्रदेश की युवा पीढ़ी के लिए सकारात्मक उदाहरण बताया है। स्थानीय स्तर पर उनकी सफलता को शिक्षा, अनुशासन और निरंतर प्रयास के परिणाम के रूप में देखा जा रहा है।