लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

Ahoi Ashtami 2022: अहोई अष्टमी कल, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

PRIYANKA THAKUR | 16 अक्तूबर 2022 at 11:34 am

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

HNN / नाहन

अहोई अष्टमी साल का एक ऐसा त्योहार है जब एक मां अपनी संतान के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इसके साथ ही अहोई माता से कामना करती हैं कि उसकी संतान दीर्घायु होने के साथ-साथ भविष्य अच्छा हो। इस दिन अहोई माता के भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा करने का विधान है। इस साल अहोई अष्टमी का व्रत 17 अक्तूबर 2022, सोमवार को रखा जाएगा। बता दे कि अहोई अष्टमी के व्रत को तारे देखकर तोड़ा जाता है।

अहोई अष्टमी 2022 शुभ मुहूर्त
अष्टमी तिथि का प्रारंभ: 17 अक्तूबर सोमवार, सुबह 09 बजकर 29 मिनट से

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

अष्टमी तिथि का समापन: 18 अक्तूबर , मंगलवार सुबह 11 बजकर 57 मिनट पर

पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 06 बजकर 14 मिनट से शाम 07 बजकर 28 मिनट तक

अहोई अष्टमी पर बनने वाले शुभ संयोग
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजे से लेकर 12 बजकर 47 मिनट तक
अमृत काल -सुबह 02 बजकर 31, अक्तूबर 18 से , सुबह 04 बजकर 19 मिनट, अक्तूबर 18 तक
सर्वार्थ सिद्धि योग- सुबह 05 बजकर 13 मिनट, अक्तूबर 18 से सुबह 06 बजकर 33 मिनट, अक्तूबर 18 तक
शिव योग- 17 अक्तूबर , प्रात:काल से लेकर शाम 04 बजकर 02 मिनट

अहोई अष्टमी के उपाय
अहोई अष्टमी के दिन भगवान शिव और माता पार्वती को दूध भात का भोग लगाएं। साथ ही इस दिन शाम को पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं। अहोई अष्टमी के दिन अहोई माता की पूजा करते समय उन्हें सफेद रंग के फूल अर्पित करें। अहोई अष्टमी के दिन शिवलिंग का दूध से अभिषेक करें और माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करें। इस उपाय को आप अहोई अष्टमी के लेकर भाई दूज तक कर सकते हैं।

अहोई अष्टमी के दिन अहोई माता को सिंदूर अर्पित करें। इस उपाय को करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। अहोई अष्टमी के दिन घर में जो खाना बना हो उसमें से एक हिस्सा गाय के लिए रख दें। ऐसा करने से आपके घर में जल्द ही खुशखबरी आएगी। अगर आपकी कोई संतान नहीं है तो इस दिन चांदी के 9 मोती लें और इन्हें लाल रंग के धागे में पिरोकर अहोई माता को अर्पित करें। ऐसा करने से आपकी मनोकामना जल्द ही पूरी होगी। अहोई अष्टमी पर माता को श्रृंगार का सामान अर्पित करें। ऐसा करने से संतान को उसके कार्यक्षेत्र में सफलता मिलती है।

अहोई अष्टमी 2022 पारण समय
जो माताएं तारों को देखकर पारण करती हैं, वो शाम के समय 6 बजकर 36 मिनट पर पारण कर सकती हैं। वहीं, जो महिलाएं चंद्रमा को देखकर पारण करती हैं वो रात 11 बजकर 24 मिनट के बाद पारण कर सकती हैं।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]