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AIIMS / एम्स बिलासपुर में 1.50 करोड़ का हाई-डैफिनेशन सिस्टम होगा स्थापित, बिना बड़े चीरे के होंगी यूरोलॉजी सर्जरी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 50 Mins Ago • 1 Min Read

AIIMS : एम्स बिलासपुर में यूरोलॉजी विभाग के लिए लगभग 1.50 करोड़ रुपये की लागत से हाई-डैफिनेशन एंडोविजन सिस्टम स्थापित किया जाएगा। नई तकनीक के माध्यम से किडनी, मूत्राशय, प्रोस्टेट और मूत्रमार्ग से संबंधित कई एंडोस्कोपिक सर्जरी अधिक सटीक तरीके से की जा सकेंगी।

बिलासपुर

यूरोलॉजी विभाग को मिलेगी आधुनिक तकनीक

एम्स बिलासपुर में यूरोलॉजी विभाग की चिकित्सा सुविधाओं को उन्नत बनाने की दिशा में लगभग 1.50 करोड़ रुपये की लागत से हाई-डैफिनेशन एंडोविजन सिस्टम फॉर यूरोलॉजी स्थापित किया जाएगा। संस्थान के अनुसार यह अत्याधुनिक उपकरण एंडोस्कोपिक सर्जरी के दौरान चिकित्सकों को शरीर के भीतर का उच्च गुणवत्ता वाला और स्पष्ट दृश्य उपलब्ध कराएगा। इससे जटिल यूरोलॉजी प्रक्रियाओं के दौरान सटीकता बढ़ेगी और उपचार प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।

कई प्रकार की सर्जरी होंगी अधिक सटीक

नई प्रणाली स्थापित होने के बाद किडनी की पथरी, प्रोस्टेट, मूत्राशय के ट्यूमर तथा मूत्रमार्ग से संबंधित कई जटिल मामलों का उपचार एंडोस्कोपिक तकनीक के माध्यम से किया जा सकेगा। हाई-डैफिनेशन विजुअल सिस्टम सर्जरी के दौरान चिकित्सकों को बेहतर दृश्य उपलब्ध कराएगा, जिससे ऑपरेशन की सटीकता बढ़ाने और उपचार प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित ढंग से पूरा करने में मदद मिलेगी। यह तकनीक आधुनिक यूरोलॉजी सेवाओं को और मजबूत करेगी।

बिना बड़े चीरे के होगी एंडोस्कोपिक सर्जरी

विशेषज्ञों के अनुसार एंडोस्कोपिक तकनीक में अधिकांश प्रक्रियाएं बिना बड़े चीरे के की जाती हैं। इससे मरीज को अपेक्षाकृत कम दर्द, कम रक्तस्राव और संक्रमण के जोखिम में कमी जैसी चिकित्सीय सुविधाएं मिल सकती हैं। साथ ही रिकवरी अवधि भी सामान्य सर्जरी की तुलना में कम हो सकती है, जिससे मरीज अपेक्षाकृत कम समय में अस्पताल से छुट्टी लेकर सामान्य दिनचर्या में लौट सकता है।

स्थानीय स्तर पर मिलेगी आधुनिक उपचार सुविधा

एम्स प्रबंधन के अनुसार नई सुविधा शुरू होने के बाद हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ आसपास के राज्यों के मरीजों को भी उन्नत यूरोलॉजी उपचार का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा। अब तक कई जटिल मामलों में मरीजों को बड़े चिकित्सा संस्थानों का रुख करना पड़ता था, लेकिन हाई-डैफिनेशन एंडोविजन सिस्टम स्थापित होने के बाद ऐसी कई सेवाएं एम्स बिलासपुर में ही उपलब्ध होंगी। इससे संस्थान की यूरोलॉजी सेवाओं का दायरा और क्षमता दोनों में विस्तार होगा तथा मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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