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हिमाचल में स्कूलों की छुट्टियों पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेंगे उपायुक्त, शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 47 Mins Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश सरकार ने मानसून के दौरान छात्रों और शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में अवकाश संबंधी निर्णय जिला उपायुक्तों पर छोड़ दिया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि स्थानीय मौसम और प्रशासनिक आकलन के आधार पर प्रत्येक जिले में अलग-अलग निर्णय लिया जाएगा।

शिमला

स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार होगा अवकाश का निर्णय

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और मानसून की स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूलों में अवकाश को लेकर महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राज्य सचिवालय में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि किसी भी जिले में सरकारी अथवा निजी शिक्षण संस्थानों को बंद करने का निर्णय संबंधित जिला उपायुक्त स्थानीय परिस्थितियों, मौसम की स्थिति और प्रशासनिक आकलन के आधार पर लेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए प्रत्येक जिले की परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।

शिक्षकों और कर्मचारियों पर भी लागू होगा निर्णय

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी जिले में भारी बारिश, भूस्खलन, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक कारणों से शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया जाता है, तो उस अवधि के दौरान शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी संस्थानों में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने अभिभावकों और आम लोगों से अपील की कि खराब मौसम के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और आवश्यकता न होने पर यात्रा से बचें।

CBSE स्कूलों और शिक्षकों की तैनाती पर होगी चर्चा

रोहित ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री की वर्ष 2025 की घोषणा के अनुरूप प्रदेश के 150 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्धता प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को प्रस्तावित मंत्रिमंडल बैठक में इन सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती से संबंधित विषय पर चर्चा की जाएगी। शिक्षा मंत्री के अनुसार वर्तमान समय में सीबीएसई स्कूलों में लगभग 2500 विद्यार्थियों के नामांकन में कमी दर्ज की गई है, जिस पर भी विभाग स्तर पर समीक्षा की जा रही है।

करीब 11 हजार भर्तियों का लक्ष्य

शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षा विभाग में संस्कृत, पंजाबी शिक्षकों सहित लगभग 2500 से 3000 पदों को भरने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा करीब 400 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान शिक्षा विभाग में कुल 10 से 11 हजार भर्तियां पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य चयन आयोग के माध्यम से अब तक लगभग 4000 भर्तियां बैचवाइज आधार पर की जा चुकी हैं।

AI यूनिवर्सिटी पर प्रारंभिक स्तर पर विचार

शिक्षा मंत्री ने कहा कि बदलती तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) यूनिवर्सिटी स्थापित करने की संभावनाओं पर सरकार प्रारंभिक स्तर पर विचार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह प्रस्ताव शुरुआती चर्चा के चरण में है और इस संबंध में आगे आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

8000 नियुक्तियां पूरी, 3000 पदों पर प्रक्रिया जारी

रोहित ठाकुर ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा विभाग में करीब 8000 नियुक्तियां की जा चुकी हैं, जबकि लगभग 3000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि जेबीटी शिक्षकों के 1800 पदों को भरने की स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें से करीब 1200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है तथा 600 अतिरिक्त जेबीटी शिक्षकों की भर्ती भी की जाएगी। इसके अलावा स्कूलों में स्पेशल एजुकेटर नियुक्त करने और सरकार द्वारा विस्तारित किए गए स्पोर्ट्स हॉस्टलों के लिए 18 कोचों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है।

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