यदि डॉ. परमार हिमाचल के निर्माता हैं, तो वीरभद्र सिंह आधुनिक हिमाचल के शिल्पकार हैं : आनंद परमार
नाहन में पूर्व मुख्यमंत्री की पुण्यतिथि पर कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, नेताओं ने विकास कार्यों और जनसेवा को किया याद…….
नाहन
नाहन। हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की पुण्यतिथि पर मंगलवार को जिला कांग्रेस कार्यालय नाहन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार, पूर्व विधायक कंवर अजय बहादुर सिंह सहित कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार ने कहा कि यदि डॉ. यशवंत सिंह परमार को हिमाचल का निर्माता कहा जाता है, तो स्वर्गीय वीरभद्र सिंह आधुनिक हिमाचल के शिल्पकार हैं। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में प्रदेश के संतुलित और समग्र विकास को नई दिशा दी। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, बिजली और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
आनंद परमार ने कहा कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की उम्मीदों और विश्वास का नाम थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन गरीबों, किसानों, कर्मचारियों और समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित किया। उनके आदर्शों, विचारों और जनहित की राजनीति पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता उनके बताए मार्ग पर चलते हुए जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाएगा।
इस अवसर पर पूर्व विधायक कंवर अजय बहादुर सिंह ने भी स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उनका विकास मॉडल आज भी प्रदेश के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने बिना किसी भेदभाव के हिमाचल के हर क्षेत्र के विकास के लिए कार्य किया, जिसकी छाप आज भी पूरे प्रदेश में दिखाई देती है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मोहम्मद इकबाल, कमला चौहान, अनिल शर्मा, मनीराम पुंडीर सहित जिला कांग्रेस के पदाधिकारी, अग्रिम संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
