Asian Games 2026 / बॉक्सिंग में गोल्ड की हैट्रिक, लवलीना-परवीन के बाद अंकुश पंघाल ने भी रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक ही दिन तीन गोल्ड मेडल आए। लवलीना बोरगोहेन ने 75 किग्रा, परवीन हुड्डा ने 65 किग्रा और अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में अपने-अपने फाइनल जीतकर भारत को गोल्ड की हैट्रिक दिलाई। लवलीना और परवीन ने एशियन गेम्स में भारतीय महिला बॉक्सिंग के गोल्ड का 12 साल का इंतजार खत्म किया, जबकि अंकुश 2018 में अमित पंघाल के बाद स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बॉक्सर बने। एक ही दिन मिली इन तीन ऐतिहासिक सफलताओं ने भारतीय मुक्केबाजी के लिए एशियन गेम्स 2026 को यादगार बना दिया।
निशियो
लवलीना-परवीन-अंकुश ने दिलाए लगातार तीन गोल्ड
भारतीय बॉक्सिंग के लिए निशियो में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा, परवीन हुड्डा ने 65 किग्रा और अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा भार वर्ग में अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किए। तीनों भारतीय मुक्केबाजों की जीत के साथ भारत ने एक ही दिन बॉक्सिंग में तीन गोल्ड मेडल अपने नाम किए।
लवलीना और परवीन ने खत्म किया 12 साल का इंतजार
लवलीना और परवीन की जीत भारतीय महिला बॉक्सिंग के लिए खास रही। दोनों ने एशियन गेम्स में महिला बॉक्सिंग के गोल्ड का 12 साल लंबा इंतजार खत्म करते हुए स्वर्ण पदक विजेताओं में अपना नाम दर्ज कराया। इससे पहले दिग्गज भारतीय मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में महिलाओं के 51 किग्रा फ्लाईवेट वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।
अंकुश पंघाल ने फाइनल में दक्षिण कोरियाई बॉक्सर को हराया
पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में अंकुश पंघाल ने दक्षिण कोरिया के किम मिनसॉन्ग के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। अंकुश ने मुकाबला 4-0 से जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया और लवलीना तथा परवीन के बाद भारत को दिन का तीसरा बॉक्सिंग गोल्ड दिलाया।
2018 के बाद गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बॉक्सर बने अंकुश
अंकुश की जीत का महत्व केवल भारत के तीसरे गोल्ड तक सीमित नहीं रहा। वह 2018 में अमित पंघाल के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बन गए। इस तरह भारतीय पुरुष बॉक्सिंग का आठ साल का गोल्ड का इंतजार भी अंकुश की जीत के साथ समाप्त हुआ।
वर्ल्ड चैंपियन को हराकर फाइनल में पहुंचे थे अंकुश
अंकुश का गोल्ड तक का सफर भी शानदार रहा। सेमीफाइनल में उन्होंने उज्बेकिस्तान के मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन फजलिद्दीन एरकिनबोएव का सामना किया था। अंकुश ने इस मुकाबले में 4-1 से जीत हासिल कर फाइनल में जगह बनाई और फिर खिताबी मुकाबले में दक्षिण कोरिया के किम मिनसॉन्ग को हराकर अपने अभियान का अंत स्वर्ण पदक के साथ किया।
एक दिन में तीन गोल्ड से भारतीय बॉक्सिंग का यादगार प्रदर्शन
लवलीना, परवीन और अंकुश की सफलताओं ने भारतीय बॉक्सिंग के लिए इस दिन को खास बना दिया। महिला वर्ग में 12 साल बाद गोल्ड का इंतजार खत्म हुआ तो पुरुष वर्ग में भी 2018 के बाद भारत को एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक मिला। तीनों मुक्केबाजों ने अपने-अपने वर्ग में गोल्ड जीतकर एक ही दिन भारत को बॉक्सिंग में तीन स्वर्ण पदक दिलाए।