बंगाणा कॉलेज का अम्बुजा संस्थान से समझौता, विद्यार्थियों को मिलेगा रोजगारपरक प्रशिक्षण
बंगाणा कॉलेज और अम्बुजा संस्थान के बीच एमओयू, विद्यार्थियों को मिलेंगे रोजगारपरक प्रशिक्षण के अवसर
ऊना/ वीरेंद्र बन्याल/हिमाचल नाऊ न्यूज।
उप मंडल बंगाणा के अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय बंगाणा और अम्बुजा संस्थान के बीच विद्यार्थियों को लघु अवधि प्रशिक्षण एवं रोजगारपरक कार्यक्रम उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते से महाविद्यालय के विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. रेखा शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक ज्ञान और रोजगारपरक कौशल भी बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि अम्बुजा संस्थान के साथ हुआ यह समझौता विद्यार्थियों को आवश्यक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें बेहतर प्लेसमेंट के अवसर उपलब्ध करवाने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
महाविद्यालय के करियर अपॉर्च्युनिटीज एंड गाइडेंस सेल के कन्वीनर प्रो. सिकंदर नेगी ने बताया कि एमओयू का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ उन्हें वर्तमान रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है। उन्होंने कहा कि अम्बुजा संस्थान की ओर से विभिन्न रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनका लाभ महाविद्यालय के विद्यार्थी भी उठा सकेंगे।
इन पाठ्यक्रमों में ब्यूटी थेरेपिस्ट, माइक्रो फाइनांस एग्जीक्यूटिव, कस्टमर सर्विस एसोसिएट, असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन और जनरल ड्यूटी असिस्टेंट सहित अन्य रोजगारपरक प्रशिक्षण शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को संबंधित क्षेत्रों में आवश्यक तकनीकी एवं व्यावहारिक दक्षता हासिल करने का अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर करियर अपॉर्च्युनिटीज एंड गाइडेंस सेल की सदस्य डॉ. किरण ठाकुर, डॉ. श्रुति, संजय शर्मा और प्रो. निकिता गुप्ता सहित महाविद्यालय के अन्य सदस्य मौजूद रहे। वहीं, अम्बुजा संस्थान की ओर से मोबिलाइजेशन अधिकारी रमेश ठाकुर तथा एसईडीआई ऊना के वरिष्ठ लेखा अधिकारी दलीप शर्मा उपस्थित रहे।
महाविद्यालय प्रशासन ने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को कौशल, प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षता हासिल करने और भविष्य में रोजगार के क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।