सैन्य क्षेत्र में रुका बनोग-धार क्यारी सड़क निर्माण, समाधान की उठी मांग – डॉ. राजीव बिंदल ग्रामीणों संग पहुंचे डीसी कार्यालय
नाहन विधानसभा क्षेत्र की बनोग-धार क्यारी सड़क का निर्माण सैन्य क्षेत्र में रुकने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ उपायुक्त सिरमौर को ज्ञापन सौंपकर सेना और लोक निर्माण विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने का आग्रह किया।
नाहन
नाहन विधानसभा क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित बनोग-धार क्यारी सड़क का निर्माण कार्य सैन्य क्षेत्र में एक बार फिर रुकने के बाद मामला प्रशासन तक पहुंच गया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं नाहन के पूर्व विधायक डॉ. राजीव बिंदल मंगलवार को बनोग पंचायत के प्रतिनिधिमंडल और बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा से मिले। उन्होंने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर सैन्य अधिकारियों से तत्काल वार्ता कर सड़क निर्माण दोबारा शुरू करवाने तथा इस लंबे समय से लंबित मामले का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 12.30 करोड़ रुपये की लागत से लोक निर्माण विभाग द्वारा करीब नौ किलोमीटर लंबी सड़क को पक्का करने का कार्य चल रहा था। निर्माण कार्य से क्षेत्र के लोगों में वर्षों बाद उम्मीद जगी थी, लेकिन सैन्य क्षेत्र में बैरिकेड्स लगाए जाने से काम अचानक रुक गया, जिससे ग्रामीणों की परेशानियां फिर बढ़ गई हैं।उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से बनोग-धार क्यारी सड़क नाहन विधानसभा क्षेत्र के सबसे पुराने और प्रमुख जन मुद्दों में शामिल रही है। कई बार निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन विभिन्न कारणों से बीच में ही रुकता रहा। एक समय इस सड़क पर बस सेवा भी शुरू हो गई थी, लेकिन बाद में निर्माण फिर ठप हो गया। अब सड़क को पक्का करने का कार्य शुरू होने से लोगों को स्थायी समाधान की उम्मीद थी, जो एक बार फिर अधूरी रह गई।
डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में उन्होंने स्वयं तत्कालीन रक्षा मंत्री से मुलाकात कर सेना की भूमि से जुड़े विवाद के समाधान की दिशा में पहल की थी। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं और सेना की भूमि के एवज में निर्धारित राशि भी जमा करवा दी गई थी। इसके बावजूद वर्तमान प्रदेश सरकार इस विषय के स्थायी समाधान को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है।उन्होंने उपायुक्त को बताया कि सड़क बंद होने से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, किसानों और ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को चारपाई पर उठाकर नाहन मेडिकल कॉलेज पहुंचाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह केवल सड़क का मामला नहीं, बल्कि हजारों लोगों की दैनिक जरूरतों और जीवन से जुड़ा विषय है।
डॉ. बिंदल ने प्रशासन से आग्रह किया कि सैन्य प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के बीच शीघ्र समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्य बिना किसी देरी के दोबारा शुरू कराया जाए, ताकि दशकों से सड़क की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को राहत मिल सके।प्रतिनिधिमंडल में पंचायत प्रधान सुषमा सैनी, उपप्रधान अनिल जोशी, बीडीसी सदस्य देवयानी थापा, पूर्व उपप्रधान जय प्रकाश, कैप्टन कुलदीप सहित पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।