डलझील मेले में सजी लोक संस्कृति की संध्या, जीर्णोद्धार का 70 फीसदी काम पूरा
धर्मशाला में दुर्गेश्वर महादेव डलझील मेले के उपलक्ष्य में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में हिमाचली लोक कलाकारों ने लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में आयुष एवं खेल एवं युवा सेवाएं मंत्री यादविंदर गोमा ने धार्मिक आस्थाओं से जुड़े मेलों के संरक्षण को प्रदेश सरकार की प्राथमिकता बताया। स्थानीय विधायक केवल सिंह पठानिया ने जानकारी दी कि डलझील के जीर्णोद्धार पर 1.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
धर्मशाला
शुक्रवार रात आयोजित सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ अरविन्द के ‘शिव कैलाशों के वासी’ भजन से हुआ। इसके बाद सुनील राणा, इशांत भारद्वाज, वर्षा कटोच, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों और अन्य लोक कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में मंत्री यादविंदर गोमा मुख्य अतिथि रहे, जबकि उप मुख्य सचेतक एवं स्थानीय विधायक केवल सिंह पठानिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों से उत्साहवर्धन किया और कई प्रस्तुतियों के दौरान पारंपरिक नृत्य भी किया।
मेला समिति को 51 हजार रुपये देने की घोषणा
यादविंदर गोमा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की लोक संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक आस्थाओं से जुड़े मेलों का संरक्षण एवं संवर्धन सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने डलझील मेले में पहली बार महाआरती और सांस्कृतिक संध्या आयोजित करने के लिए विधायक केवल सिंह पठानिया, मेला आयोजन समिति और क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और लोक विरासत से जोड़ते हैं। उन्होंने मेला आयोजन समिति को 51 हजार रुपये देने की घोषणा की।
डलझील में 25 वर्षों बाद हुआ जल संचयन
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण डलझील को ‘छोटा मणिमहेश’ के नाम से भी जाना जाता है और यहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि जीर्णोद्धार कार्य के बाद करीब 25 वर्षों में डलझील में फिर से पानी का संचयन संभव हुआ है। भविष्य में सौंदर्यीकरण, स्वच्छता, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और श्रद्धालुओं व पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सभी संबंधित विभागों के समन्वय से कार्य किया जाएगा।
सांस्कृतिक संध्या के दौरान विधायक केवल सिंह पठानिया ने भी मेला आयोजन समिति को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की, जबकि स्थानीय होटल एसोसिएशन ने 25 हजार रुपये का चेक प्रदान किया। कार्यक्रम में वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारी, मंदिर समिति के पदाधिकारी, क्षेत्र के गणमान्य लोग, श्रद्धालु और स्थानीय निवासी उपस्थित रहे। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से हिमाचल की विविध लोक संस्कृति को मंच पर जीवंत किया।