शिमला। जिला शिमला के रोहड़ू में आयोजित भूंडा महायज्ञ के दौरान पशु बलि दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सरकार और हिमाचल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति जेके महेश्वरी और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की खंडपीठ में हुई।
⚖️ क्या है मामला?
रोहड़ू में 2 से 5 फरवरी 2024 तक आयोजित भूंडा महायज्ञ के दौरान पशु बलि दी गई, जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि महायज्ञ से एक सप्ताह पहले ही उपायुक्त शिमला, पुलिस अधीक्षक और एसडीएम रोहड़ू को पशु बलि रोकने के लिए कानूनी नोटिस भेजा गया था, इसके बावजूद पशु बलि की गई।
📹 सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
याचिकाकर्ता ने महायज्ञ के दौरान खुलेआम की गई पशु बलि के कई वीडियो अदालत को सौंपे हैं। उनका दावा है कि यह सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2017 के आदेशों का उल्लंघन है, जिसमें कुल्लू दशहरा में पशु बलि को कुछ शर्तों के साथ ही अनुमति दी गई थी।
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🏛️ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश
- 2014 में हिमाचल हाईकोर्ट ने मंदिरों में पशु बलि पर रोक लगा दी थी।
- इसके खिलाफ कुल्लू दशहरे में पशु बलि की अनुमति के लिए महेश्वर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
- 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने कुल्लू दशहरा में बलि देने के लिए विशेष व्यवस्था करने की अनुमति दी थी।
🐄 समाज में बदलाव की अपील
याचिकाकर्ता का कहना है कि आधुनिक समाज में इस तरह की परंपराओं का पालन उचित नहीं है और समाज को अपने रीति-रिवाजों में बदलाव लाने की जरूरत है।
अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। हिमाचल सरकार को तब तक हलफनामा दाखिल कर याचिका में लगाए गए आरोपों का जवाब देना होगा।
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