नीट पेपर लीक मामले को लेकर बिहार बंद के दौरान कई जिलों में प्रदर्शन, पटना और छपरा में झडप
नीट (NEET) पेपर लीक मामले के विरोध में छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद के दौरान पटना, छपरा, सिवान और गया सहित कई प्रमुख जिलों में व्यापक प्रदर्शन, सड़क जाम और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं सामने आईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राज्यभर के संवेदनशील स्थलों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, वहीं पटना में कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और छपरा में पथराव के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
पटना
नीट पेपर लीक विरोध में बिहार बंद: पटना और छपरा में पुलिस-प्रदर्शनकारी आमने-सामने
नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थन से आयोजित बिहार बंद के दौरान राज्यभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन दर्ज किया गया। बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों, जिला मुख्यालयों, सरकारी कार्यालयों और प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इसके बावजूद पटना, छपरा, सिवान, गया, समस्तीपुर, सहरसा, आरा और नवादा समेत कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की, टायर जलाकर आगजनी की और प्रमुख यातायात मार्गों को पूरी तरह बाधित कर दिया। राजधानी पटना के गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर और रामगुलाम चौक पर सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र और विभिन्न राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ता एकत्र होने लगे थे। पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका और स्थिति नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा, जिसमें कई छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। इस दौरान जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष और राजद नेता तेज प्रताप यादव भी छात्रों के समर्थन में रामगुलाम की प्रतिमा पर चढ़कर प्रदर्शन में शामिल हुए।
छपरा, सिवान, समस्तीपुर और गया में हिंसक झड़पें व प्रदर्शन
छपरा के थाना चौक पर प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गया जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच तीखी बहस के बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ने पर प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव किया गया, जिसके जवाब में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इस घटना में पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी दोनों पक्षों के लोग चोटिल हुए, जिसके बाद इलाके में स्थिति को सामान्य करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया। उधर सिवान में प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए तोड़फोड़ की। समस्तीपुर के पटेल गोलंबर पर युवाओं ने सड़क जाम कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भोजपुर जिले के जगदीशपुर स्थित नायका टोला मोड़ पर आइसा (AISA) और आरवाईए (RYA) के कार्यकर्ताओं ने मुख्य मार्ग पर आगजनी कर प्रदर्शन किया। गया में गया कॉलेज के छात्रों ने विशाल विरोध मार्च निकाला, जहां सिटी एसपी ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन उपद्रव करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नवादा में 1700 जवान तैनात, ड्रोन से निगरानी; भीम आर्मी की चेतावनी
सहरसा में प्रदर्शनकारियों ने थाना चौक के समीप मुख्य सड़क पर धरना देकर पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध जताया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई। नवादा जिले में संभावित छात्र जुलूस और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर रखा था। जिले के 40 संवेदनशील स्थानों पर लगभग 1700 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, जिनमें 4 एसडीपीओ, 2 एसडीओ, 28 थाना प्रभारी और पुलिस लाइन के वरिष्ठ अधिकारियों को सीधे मैदान में उतारा गया था। प्रशासन ने यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2,000 से अधिक लोगों के जुलूस की संभावना को देखते हुए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए शहर के कोने-कोने पर कड़ी निगरानी रखी। नवादा में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र राजवंशी ने पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर किए गए बल प्रयोग की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच कराने और मांगें न माने जाने पर आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी दी। फिलहाल राज्य प्रशासन ने अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।