हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के बरठीं क्षेत्र में एक 16 वर्षीय छात्रा ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना मंगलवार को उस समय हुई, जब उसके माता-पिता काम पर गए हुए थे। छात्रा की पहचान नैना (16) पुत्री सतीश कुमार, निवासी मुरादाबाद के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ बरठीं के त्रिमूर्ति मंदिर के पास किराए के मकान में रहती थी।
परीक्षा खत्म होने के अगले दिन उठाया यह कदम
नैना बरठीं स्कूल में आठवीं कक्षा की छात्रा थी और सोमवार को उसकी परीक्षाएं समाप्त हुई थीं। मंगलवार को जब उसके माता-पिता दोपहर में घर लौटे, तो उन्होंने उसे फंदे से लटका हुआ पाया। परिजन उसे तुरंत बरठीं अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में जुटी, आत्महत्या का कारण अज्ञात
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस थाना तलाई की टीम मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू की। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस थाना प्रभारी विनोद कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि फिलहाल किसी सुसाइड नोट की जानकारी नहीं मिली है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group
समाज में मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ती चिंता
यह घटना मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की जरूरत को दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों पर परीक्षा का दबाव, व्यक्तिगत समस्याएं या मानसिक तनाव इस तरह के कदम उठाने का कारण हो सकते हैं। परिवारों और स्कूल प्रशासन को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने परिजनों और शिक्षकों से अनुरोध किया है कि वे बच्चों के व्यवहार में अचानक किसी भी बदलाव पर ध्यान दें और समय रहते उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करें।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए आगे की कार्रवाई कर रही है।
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group





