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बिलासपुर में स्क्रब टाइफस से बचाव की सलाह, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 57 Mins Ago • 1 Min Read

बिलासपुर में स्वास्थ्य विभाग ने मानसून और घास कटाई के मौसम के दौरान स्क्रब टाइफस के बढ़ते जोखिम को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने रोग की रोकथाम के लिए निगरानी बढ़ाने के साथ सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द या अन्य संबंधित लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में चिकित्सकीय परामर्श लेने और उपचार में देरी नहीं करने को कहा गया है।

बिलासपुर

मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर शशि दत्त शर्मा ने दो सितंबर को बताया कि स्क्रब टाइफस एक जूनोटिक रोग है, जो ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक जीवाणु के कारण होता है। वर्षा ऋतु में, विशेषकर घास कटाई के समय, इसके मामलों में वृद्धि देखी जाती है। यह रोग ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक पाया जाता है, जहां झाड़ियों और घास वाले स्थानों में रोग फैलाने वाले माइट्स मौजूद रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, विद्यालयों और स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से लोगों को बचाव के उपायों के प्रति जागरूक कर रहा है।

खेतों और घास वाले क्षेत्रों में बरतें सावधानी

स्वास्थ्य विभाग ने खेतों या घास वाले क्षेत्रों में काम करते समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी है। लोगों से घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, झाड़ियों और खरपतवार को हटाने तथा घास काटने या घनी वनस्पति वाले क्षेत्रों से लौटने के बाद स्नान करने को कहा गया है। व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ पालतू पशुओं की नियमित सफाई करने का भी आग्रह किया गया है, ताकि संक्रमित कीटों के संपर्क में आने की आशंका को कम किया जा सके।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जमीन पर सोने और हरी घास वाले क्षेत्रों में बैठने या लेटने से बचने को कहा है। कृषि कार्यों के दौरान आधी बांह या शरीर को पूरी तरह नहीं ढकने वाले कपड़े पहनने से भी परहेज करने की सलाह दी गई है। विभाग ने नागरिकों से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और कोई भी संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करने की अपील की है, ताकि मानसून के दौरान स्क्रब टाइफस के संभावित प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।

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