Government Decision: लागत 2,700 करोड़ पहुंचने पर शिमला रोप-वे का मौजूदा टेंडर रद्द
Government Decision: शिमला में प्रस्तावित रोप-वे परियोजना की अनुमानित निर्माण लागत करीब 2,700 करोड़ रुपये पहुंचने के कारण सरकार ने मौजूदा टेंडर रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि परियोजना समाप्त नहीं की गई है और इसे नए स्वरूप में आगे बढ़ाने के लिए पीपीपी मॉडल तथा ईएपी सहित विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
शिमला
मुख्यमंत्री ने बताया कि शिमला रोप-वे परियोजना के लिए ब्रिक्स बैंक से 1,200 करोड़ रुपये की बाह्य सहायता प्राप्त परियोजना यानी ईएपी स्वीकृत थी। टेंडर के आकलन में परियोजना की निर्माण लागत बढ़कर करीब 2,700 करोड़ रुपये पहुंच गई। बढ़ी हुई लागत के मुकाबले स्वीकृत ईएपी राशि पर्याप्त नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय अंतर के कारण सरकार के पास मौजूदा टेंडर को रद्द करने के अलावा कोई व्यावहारिक विकल्प नहीं बचा था।
मुख्यमंत्री के अनुसार, हाल में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में परियोजना से संबंधित सभी संभावित विकल्प खुले रखने का निर्णय लिया गया। सरकार अब पीपीपी मॉडल और ईएपी के माध्यम से रोप-वे नेटवर्क विकसित करने की संभावनाएं तलाश रही है। इसका उद्देश्य परियोजना को पूरी तरह बंद करना नहीं, बल्कि उपलब्ध वित्तीय संसाधनों और निर्माण लागत को ध्यान में रखते हुए इसे नए स्वरूप में आगे बढ़ाने का व्यावहारिक रास्ता खोजना है।
सरकार का लक्ष्य तारा देवी को जाखू से जोड़ने के साथ शिमला के प्रमुख क्षेत्रों को रोप-वे नेटवर्क के दायरे में लाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना आगे बढ़ने पर शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है। परियोजना के नए स्वरूप और इसे लागू करने के मॉडल पर अंतिम निर्णय उपलब्ध विकल्पों पर विचार के बाद लिया जाएगा।
