भाजपा ने पांवटा साहिब में पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग की
पांवटा साहिब उपमंडल में सामने आई आपराधिक घटनाओं को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य चरणजीत चौधरी और भाजयुमो मंडल अध्यक्ष संयम गुप्ता ने पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपराध के बाद कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय रोकथाम की रणनीति बनाने, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
पांवटा साहिब
भाजपा नेताओं ने हाल में 10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म की घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है। उन्होंने इससे पहले सामने आए 54 वर्षीय व्यक्ति की हत्या के मामले का भी उल्लेख किया। नेताओं ने हत्या के आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई की सराहना की, लेकिन साथ ही ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने को प्राथमिक जिम्मेदारी बताया।
चरणजीत चौधरी और संयम गुप्ता ने कहा कि पांवटा साहिब में इससे पहले भी अलग-अलग मामलों में बच्चियों के शव यमुना किनारे मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उनके अनुसार, महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामलों को देखते हुए संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां नियमित पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
कानून-व्यवस्था की समीक्षा की मांग
भाजपा नेताओं ने कहा कि कानून-व्यवस्था केवल प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। पुलिस को असामाजिक तत्वों की पहचान करने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की जरूरत है। उन्होंने प्रशासन से पांवटा साहिब की कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर अपराध रोकने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने की मांग की।
दोनों नेताओं ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया। उनका कहना है कि जनता को अपराध होने के बाद कार्रवाई का भरोसा मिलने के साथ ही पहले से सुरक्षा का विश्वास भी होना चाहिए। इसके लिए पुलिस-प्रशासन को रोकथाम, निगरानी और नियमित गश्त पर अधिक ध्यान देते हुए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
