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ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल के समक्ष बिखेरे सिरमौरी हाटी संस्कृति के रंग

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 23 Jul 2026 • 1 Min Read

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित सांस्कृतिक संध्या में सिरमौर की हाटी लोक संस्कृति की प्रस्तुतियों ने ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया। आसरा संस्था के कलाकारों ने दीपक नृत्य, परात नृत्य और तावली नाटी के माध्यम से हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया।

चंडीगढ़

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में आयोजित भव्य सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जनपद की समृद्ध हाटी लोक संस्कृति ने अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार डॉ. जोगेंद्र हाब्बी के नेतृत्व में आसरा संस्था के कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों को भारतीय लोक संस्कृति की विविधता और समृद्ध परंपरा से रूबरू करवाया।

उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला एवं संस्कृति विभाग चंडीगढ़ के सौजन्य से आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ शास्त्रीय संगीत की मधुर धुनों से हुआ। इसके उपरांत हिमाचल प्रदेश की ओर से पहली प्रस्तुति आसरा संस्था के द्वारा दीपक नृत्य की रही। दीपक नृत्य के बाद आसरा के कलाकारों ने परात नृत्य तथा हाटी समुदाय की प्रसिद्ध तावली नाटी की सशक्त एवं आकर्षक प्रस्तुति देकर विदेशी मेहमानों का मन मोह लिया। पूरी प्रस्तुति के दौरान सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा और प्रतिनिधियों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

डॉ. हाब्बी ने बताया कि इस सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पंजाब एवं हरियाणा के लोक कलाकारों ने भी अपनी-अपनी सांस्कृतिक विरासत का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। पंजाब के कलाकारों ने लुड्डी एवं भांगड़ा जबकि हरियाणा के कलाकारों ने फाग और घूमर नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

उन्होंने बताया कि ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों एवं 10 सहयोगी देशों के प्रतिनिधि इस बैठक में स्वास्थ्य सुरक्षा, टीबी अनुसंधान, चिकित्सा उत्पाद विनियमन, पारंपरिक चिकित्सा, महामारी प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन तथा स्वस्थ जीवन शैली जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। ऐसे अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर सिरमौर की लोक संस्कृति का प्रदर्शन जिला सिरमौर ही नहीं बल्कि पूरे हिमाचल के लिए गौरव का विषय है।

उल्लेखनीय है कि डॉ. जोगेंद्र हाब्बी के नेतृत्व में सांस्कृतिक दल के कलाकार इससे पूर्व भी जी-20 शिखर सम्मेलनों, विभिन्न इन्वेस्ट मीट, अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक समारोहों एवं अनेक राष्ट्रीय आयोजनों में हिमाचल प्रदेश की लोक संस्कृति का सफल प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। संस्था लगातार हाटी समुदाय की विलुप्तप्राय लोक कलाओं के संरक्षण, संवर्धन और वैश्विक प्रचार-प्रसार के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रही है।