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BRICS मंच पर पीएम मोदी का संदेश, टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स का हथियारीकरण साझा प्रगति में बाधा

हिमाचलनाउ डेस्क • 20 Hours Ago • 1 Min Read

BRICS समिट के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स का हथियार की तरह इस्तेमाल सदस्य देशों की साझा प्रगति में बाधा बन सकता है। उन्होंने नई तकनीकों को अपनाने में समावेशी दृष्टिकोण रखने और उनका लाभ अधिक से अधिक देशों तथा लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान रेजिलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी पर केंद्रित पहलों की जानकारी भी साझा की।

BRICS शिखर सम्मेलन

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भविष्य की तकनीकों के विकास और उनसे संबंधित नियम बनाने में ग्लोबल साउथ की बराबर भागीदारी होनी चाहिए। उनके अनुसार, तकनीक का फायदा कुछ देशों या चुनिंदा समूहों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। BRICS देशों ने इसी सोच के तहत टेक्नोलॉजी को अपनाने की प्रक्रिया में सभी को साथ लेकर चलने पर जोर दिया है, ताकि नई तकनीक साझा विकास में मददगार बने और देशों के बीच असमानता बढ़ाने का माध्यम न बने।

डिजिटल खेती और स्टार्टअप पर जोर

प्रधानमंत्री ने BRICS नेटवर्क ऑन डिजिटल एग्रीकल्चर का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे किसानों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। इस पहल के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को किसानों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने की योजना है। उन्होंने BRICS इन्क्यूबेटर नेटवर्क और स्टार्टअप इनोवेशन फंड का भी जिक्र किया, जिनका उद्देश्य सदस्य देशों के स्टार्टअप और इन्क्यूबेटर्स को जोड़ना तथा बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले नए समाधानों को प्रोत्साहित करना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS लॉजिस्टिक सप्लाई चेन कोऑपरेशन फ्रेमवर्क को आपूर्ति शृंखलाओं की विश्वसनीयता और मजबूती बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में आई रुकावटों से स्पष्ट हुआ है कि आपस में जुड़ी दुनिया में कोई संकट केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। इसलिए सदस्य देशों के बीच समय पर जानकारी साझा करने, तैयारी बढ़ाने और समन्वित कार्रवाई की व्यवस्था आवश्यक है।

बीमारियों और आपदाओं के लिए चेतावनी व्यवस्था

BRICS देशों के बीच संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए इंटीग्रेटेड अर्ली वॉर्निंग सिस्टम पर भी सहमति बनी है। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन के लिए अर्ली वॉर्निंग डेटा इंटीग्रेशन गाइडलाइंस तैयार की गई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी चुनौती की समय पर पहचान, उससे निपटने की तैयारी और तत्काल कार्रवाई जरूरी है। भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान इन पहलों के माध्यम से तकनीक, डिजिटल खेती, स्टार्टअप, आपूर्ति शृंखला, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है।

https://twitter.com/ANI/status/2099010448083583007

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