ईरानी मिसाइल हमले की कोशिश के बाद अमेरिका ने पांच तेल टैंकर तबाह करने का किया दावा
ईरान ने तीन दिनों में दूसरी बार अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, लेकिन किसी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा। इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े पांच तेल टैंकरों को पूरी तरह तबाह करने का दावा किया। अमेरिका के अनुसार, ये टैंकर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के तेल नेटवर्क का हिस्सा थे। ईरानी मीडिया ने दो टैंकरों पर हमले की जानकारी दी है, लेकिन पांच जहाज तबाह होने की पुष्टि नहीं की है। इन घटनाओं के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और तेल की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ गई है।
खाड़ी क्षेत्र
अमेरिकी सेना के अनुसार, तेल टैंकरों को निशाना बनाने से पहले उनके चालक दल को जहाजों से बाहर निकलने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद की गई कार्रवाई में टैंकरों को दोबारा इस्तेमाल करने लायक नहीं छोड़ा गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन जहाजों को उस बड़े तेल नेटवर्क का हिस्सा बताया है, जिससे अरबों डॉलर की आय होने का आरोप है। अमेरिका का कहना है कि इस आय से ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और उसके सहयोगी संगठनों को वित्तीय सहायता मिलती है। इसी आधार पर टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
पहले भी तीन टैंकरों पर कार्रवाई का दावा
सेंट्रल कमांड के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने पांच सितंबर को भी ईरान से जुड़े कच्चे तेल के तीन टैंकरों को निशाना बनाया था। अमेरिका ने दावा किया था कि उससे पहले रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक अमेरिकी विमानवाहक पोत और मिसाइलों से लैस दूसरे अमेरिकी जहाज पर हमला करने की कोशिश की थी। ताजा घटनाक्रम में भी अमेरिका ने अपनी कार्रवाई को नौसेना के जहाजों पर कथित ईरानी मिसाइल हमलों की कोशिश से जोड़ा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों से किसी अमेरिकी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा।
ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, खार्ग द्वीप के पास एक तेल टैंकर को अमेरिकी मिसाइल ने निशाना बनाया। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने जास्क के पास ओमान की खाड़ी में एक अन्य टैंकर पर हमला होने की जानकारी दी। ईरानी रिपोर्ट में कहा गया कि दोनों जहाजों के चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी की मौत की सूचना नहीं है। हालांकि, ईरानी मीडिया ने अमेरिकी सेना के उस दावे की पुष्टि नहीं की, जिसमें पांच टैंकरों को पूरी तरह तबाह करने की बात कही गई है।
ईरान ने कुवैत और बहरीन के जहाजों को दी चेतावनी
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों पर मौजूद उन तेल जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है, जहां अमेरिकी सेना की मौजूदगी है। ईरान ने इन जहाजों के कर्मचारियों से वहां से निकलने को भी कहा है। इस चेतावनी के बाद खाड़ी क्षेत्र में तेल परिवहन और समुद्री व्यापार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सेना मौजूद है, इसलिए वहां तेल जहाजों पर किसी हमले की स्थिति में इसका प्रभाव पूरे क्षेत्र की आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ सकता है।
तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखाई दिया है और कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। संकट लंबे समय तक जारी रहने पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है। इस बीच ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से में खमिस मुशैत, अबहा, नजरान और जजान को ड्रोन तथा मिसाइलों से निशाना बनाने का दावा किया। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित 73 लोग घायल हुए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ताजा कार्रवाई पर कोई नई टिप्पणी नहीं की है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पहले चेतावनी दे चुके हैं कि ईरान की ओर से अमेरिकी जहाजों पर हमला होने पर उसके तेल टैंकरों को निशाना बनाया जाएगा। अब पांच ईरानी तेल टैंकरों को नष्ट करने के अमेरिकी दावे और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की जवाबी चेतावनी ने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा दिया है। आने वाले समय में इस स्थिति का प्रभाव खाड़ी क्षेत्र में तेल की आवाजाही और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है।