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Budget 2025 / FD निवेशक ध्यान दें! बजट 2025 में हो सकते हैं बड़े बदलाव, जानिए संभावनाएं!

हिमाचलनाउ डेस्क • 6 Jan 2025 • 1 Min Read

निवेश और बचत से जुड़े लोगों के लिए नई खबरें सामने आ रही हैं, खासकर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों के लिए। आगामी वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा FD को और आकर्षक बनाने के लिए बड़े ऐलान किए जा सकते हैं।


FD पर घटती रुचि: क्यों पड़ी ये जरूरत?

म्यूचुअल फंड ने छीनी FD की चमक

पिछले कुछ सालों में म्यूचुअल फंड निवेश में बड़ा उछाल देखने को मिला है। SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के माध्यम से छोटे और बड़े निवेशक म्यूचुअल फंड को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसका असर यह हुआ कि FD निवेशकों की संख्या में तेजी से गिरावट आई है।

बैंकों के सामने बढ़ी लिक्विडिटी समस्या

FD में निवेश की कमी के चलते बैंकों को तरलता (लिक्विडिटी) की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए आरबीआई के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास ने बैंकों को नई योजनाएं लाने और जमा बढ़ाने के उपाय सुझाए थे।


संभावित ऐलान: बजट 2025-26 में क्या हो सकता है खास?

FD पर टैक्स छूट के प्रावधान

सूत्रों के मुताबिक, FD को और आकर्षक बनाने के लिए वित्त मंत्री निम्नलिखित घोषणाएं कर सकती हैं:

  • 5 साल की बजाय 3 साल की FD पर टैक्स छूट
  • FD से प्राप्त आय पर टैक्स छूट का प्रस्ताव
    ये कदम निवेशकों को FD की ओर आकर्षित करने और बैंकों में जमा राशि बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन से जुड़े प्रोत्साहन

बैंक प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया है कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) को FD के साथ जोड़ा जाए। ऐसा करने से निवेशक अपनी बचत को FD में लगाने के लिए अधिक प्रेरित होंगे, क्योंकि वर्तमान में FD से होने वाली आय पर आयकर लगाया जाता है।


बचत बढ़ाने के लिए वित्तीय संस्थानों की पहल

वित्त मंत्री के साथ बैठक

बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक की। इसमें FD को प्रोत्साहित करने के लिए कर संबंधी प्रोत्साहनों पर चर्चा की गई।

दीर्घकालीन बचत को प्रोत्साहन

एडलवाइस म्यूचुअल फंड की प्रबंध निदेशक राधिका गुप्ता ने सुझाव दिया कि पूंजी बाजार समावेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ बॉन्ड और इक्विटी में दीर्घकालीन बचत को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।


MSME और पर्यावरण-अनुकूल पहल को बढ़ावा

बजट में छोटे उद्योगों और पर्यावरणीय पहल के लिए भी बड़े ऐलान संभव हैं:

  • MSME और छोटे उधारकर्ताओं के लिए विशेष कोष
  • इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं
  • सरफेसी अधिनियम की सीमा घटाने का प्रस्ताव
    इससे छोटे NBFCs (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां) को इसका लाभ मिल सकता है।

बजट से क्या उम्मीद करें?

आगामी बजट में FD निवेशकों और बैंकों के लिए राहत भरी घोषणाएं हो सकती हैं। टैक्स छूट और नए प्रोत्साहन न केवल बचत को बढ़ावा देंगे, बल्कि देश की वित्तीय प्रणाली को स्थिरता प्रदान करेंगे। 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

क्या FD फिर से निवेशकों की पहली पसंद बन पाएगी? इसका जवाब बजट 2025-26 के ऐलानों में छिपा है।